
मुंबई : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया ने महामारी के दौरान शहर के नगर निकाय द्वारा कोविड केंद्रों के लिए ठेके देने में कथित अनियमितताओं की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की बुधवार को मांग की।
सोमैया ने यहां अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज के संबंध में ‘‘100 करोड़ रुपये का घोटाला’’ होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इस कंपनी के सह-साझेदार सुजीत पाटकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के करीबी सहायक हैं।
मुंबई पुलिस ने 2020 में कोविड-19 देखभाल केंद्रों के लिए ठेका हासिल करने में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा कराने के लिए पाटकर समेत चार लोगों को अस्पताल प्रबंधन कंपनी के खिलाफ अगस्त 2022 में एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
सोमैया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया और उनमें से एक परेल में नगर निकाय द्वारा संचालित केईएम अस्पताल के बाहर एक चाय विक्रेता है।
सोमैया ने एसआईटी जांच की मांग करते हुए कहा, ‘‘इस कंपनी को मुंबई महानगरपालिका ने कोविड केंद्र का 100 करोड़ का ठेका कैसे दिया, जो उस वक्त (2020) अस्तित्व में ही नहीं थी? किसका दबाव था? यह बांद्रा का था या भांडुप का?’’
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे बांद्रा के निवासी हैं, जबकि राउत भांडुप में रहते हैं।
पूर्व सांसद सोमैया ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने वर्ली तथा दहीसर में आईसीयू प्रबंधन केंद्र के ठेके इस कंपनी को दिए, जबकि पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने उसे काली सूची में डाला हुआ है।


