
गांव के लगभग सौ घरों में अब तक पड़ चुकी हैं दरारें
पुरुषोत्तम कनौजिया
नवी मुंबई : नवी मुंबई में बन रहे अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए काफी बड़े पैमाने पर जमीन को समतल करने का काम किया जा रहा है। इस समतलीकरण का असर नागरिकों के घरों पर पड़ने लगा है । नागरिकों के घरों की दीवारों पर दरारें पड़ने लगी हैं । इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अदानी ग्रुप के माध्यम से किया जा रहा है। जमीन को समतल करने के लिए आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बोर ब्लास्टिंग की जा रही है, जिसका असर हवाई अड्डे के नजदीक मौजूद वहाल गांव के घरों पर पड़ रहा है। गांव के लगभग सौ घरों में अब तक दरारें पड़ चुकी हैं । जिससे एयरपोर्ट का निर्माण कर रही कम्पनी के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है । लोग अब मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द या तो काम पूरी तरह से बंद कर दिया जाए या फिर बोर ब्लास्टिंग की गति को कम किया जाए,ताकि उसका असर गांव के घरों पर न पड़े। गांव वालों का कहना है कि रोजाना दोपहर के समय यहां पर बोर ब्लास्टिंग की जाती है । जिसकी गति इतनी ज्यादा होती है कि लगता है कि भूकंप आ गया है।
कंपनी तय क्षमता से ज्यादा गति के साथ कर रही है ब्लास्टिंग
घर हिलने लगते हैं और ऐसा लगता है कि अब ये गिर जाएगा। दरअसल हवाई अड्डे के निर्माण के समय जमीन को समतल करने का अधिकार निर्माण कर रही कंपनी को दिया गया है । उसी के आधार पर कंपनी बोर ब्लास्टिंग कर पहाड़ों को तोड़कर जमीन को समतल कर रही है । गांव वालों का आरोप है कि कंपनी तय क्षमता से ज्यादा गति के साथ ब्लास्टिंग कर रही है । जिसका असर इतना ज्यादा हो रहा है यदि ये लोग उतनी क्षमता में ही काम करेंगे जितने की अनुमति मिली है तो फिर गांव के लोगों को कोई तकलीफ नहीं होगी। गांव के लोगों ने सिडको प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर इस काम को नहीं रोका गया,तो हम जल्द ही प्रदर्शन करेंगे और यदि उसके बाद भी काम बंद नहीं हुआ,तो हम खुद निर्माण स्थल पर जाकर काम को रोकेंगे।
कोट – पूजा पाटिल – सरपंच वहाल
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास की जमीन समतल करने के लिए चल रहे बोर ब्लास्टिंग से वहाल गांव के घरों में कंपन होने लगता है । कई घरों में दरारें भी आ गई हैं। इससे न केवल वित्तीय बल्कि लोगों की जान जाने का डर भी उन्हें सता रहा है । हमने सिडको के हवाईअड्डा विभाग और पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। हमने सिडको से निवेदन किया है कि वो काम रोक दें वरना हम बड़ा आंदोलन कर खुद काम रोकने की तरफ कदम उठाएंगे। हमें अपने जान और माल की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। एक हवाई अड्डे के लिए हम अपने घरों और लोगों की जान को खतरे में नहीं डालेंगे।


