
मांग के बावजूद नहीं हुई वरालदेवी तालाब के तीनों घाट की साफ सफाई
भिवंडी : भिवंडी में मनपा प्रशासन छठ पूजा हेतु वराल देवी तालाब की सफाई को लेकर उदासीन बनी रही।जबकि तालाब के घाटों की सफाई व मरम्मत की मांग मनपा प्रशासन से पहले ही किया जा चुका था।तालाब की सफाई व दुर्व्यवस्था के कारण व्रत रखने वालों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।जो छठ ब्रतियो में आक्रोश का कारण बना हुआ है। गौरतलब हो कि भिवंडी शहर में छठ पूजा का पावन पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।30 अक्टूबर की शाम सूर्यास्त के समय हजारों की संख्या में लोग वरालदेवी तालाब सहित शहर के अन्य तालाब तथा नदी के किनारे एकत्र होकर शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत शुरू किया और पूरी रात निर्जल व्रत रहकर दूसरे दिन सुबह 31 अक्टूबर को सूर्योदय के समय सूर्य देवता को अर्घ्य देकर अपना व्रत का समापन किया। छठ पूजा को लेकर मनपा प्रशासन की लापरवाही व उदासीनता साफ देखने को मिली।
मनपा प्रशासन द्वारा साफ सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दिया
छठ पूजा के मद्देनजर कई लोगों ने मनपा आयुक्त को लिखित पत्र देकर वरालदेवी तालाब के तीनो कृतिम घाट वरालदेवी घाट, कामतघर घाट तथा फेनागांव घाट के परिसर को पूरी तरह से साफ सुथरा कराकर वहां सुरक्षा रक्षक नियुक्त करने के साथ अन्य जरूरी सुविधा मुहैया कराने की मांग मनपा आयुक्त विजयकुमार से किया था।मनपा आयुक्त ने भी छठ पूजा से पर्व घाटों की सफाई व अन्य बुनियादी सुविधा मुहैय्या करने का आदेश भी दिया था।लेकिन मनपा प्रशासन द्वारा साफ सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दिया।मनपा ने घाटों पर लाइट लगाने के साथ छुटभैय्या नेताओ को चमकेश गिरी करने के लिए मंच बना दिया था।जहां पर जमकर नेतागिरी भी हुई।लेकिन सफाई को लेकर मनपा प्रशासन उदासीन बनी रही। नतीजा यह रहा कि छठ ब्रतियो को तालाब के गंदे पानी मे घुस कर सूर्य भगवान को अर्घ्य देना पड़ा।वहीं जगह अभाव के कारण कई महिलाओं का साड़ी आदि जल गया।सफाई के अभाव में वरालदेवी में घुसने वालों को खुजली होने लगी थी।जिसके कारण मनपा प्रशासन के प्रति छठ व्रत करने वालों में घोर आक्रोश व नाराजगी व्याप्त है।छठ व्रतियों का आरोप है कि मनपा प्रशासन ने छठ पूजा पर सौतेला व्यवहार किया।


