spot_img

बिल्लू ठेले वाला

बिल्लू ठेले वाला 
खींचता है दुनिया भर का बोझ 
सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक 
नहीं लेता सांस वह 
जरा भी रुककर पल भर। 
बिल्लू ठेले वाला 
पहुंचाता है कुंटलों सामान 
मीलों-मीलों दूर तक 
कड़े सफर में दिन भर। 
बिल्लू ठेले वाला 
सुनता है डांट-फटकार दुनिया भर की 
नहीं होता मायूस 
कंक्रीट के इस जंगल में। 
बिल्लू ठेले वाला 
शाम तक थककर हो जाता चूर 
रात नौ बजे खाकर लेटता ठेले पर 
समा जाता नींद के आगोश में। 
– 
भुवेन्द्र त्यागी

कवि, अनुवादक और पत्रकार

 

Islamabad : पाकिस्तान में ‘ब्लास्फेमी बिजनेस’ का विस्तार, फर्जी डिजिटल सबूतों के सहारे दर्ज हो रहे मामले

इस्लामाबाद : (Islamabad) पाकिस्तान में डिजिटल माध्यमों से कथित ईशनिंदा (ब्लास्फेमी) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Explore our articles