spot_img

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है।
बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है।।
भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी।
सुबह से फरवरी बीमार पत्नी से भी पीली है।।
बग़ावत के कमल खिलते हैं दिल की सूखी दरिया में।
मैं जब भी देखता हूँ आँख बच्चों की पनीली है।।
सुलगते जिस्म की गर्मी का फिर एहसास वो कैसे।
मोहब्बत की कहानी अब जली माचिस की तीली है।।
-अदम गोंडवी

Islamabad : पाकिस्तान में ‘ब्लास्फेमी बिजनेस’ का विस्तार, फर्जी डिजिटल सबूतों के सहारे दर्ज हो रहे मामले

इस्लामाबाद : (Islamabad) पाकिस्तान में डिजिटल माध्यमों से कथित ईशनिंदा (ब्लास्फेमी) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Explore our articles