
उल्हासनगर : पानी के अभाव में शहर के मुख्य सड़कों के बीच डिवाडर में लगाए गए पौधों की भी जान पर बन आई है।पौधे दम तोड़ते जा रहे हैं। इन पौधों का रंग भी काला पड़ चुका है, लेकिन इन पौधों को लगाने के बाद प्रशासन इन्हें भूल जाता है, जिस कारण इन पौधों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। मनपा द्वारा के लाखो रुपए खर्च कर शहर कर मुख्य सड़कों के बीच हर साल पेड़ पौधे लगाए लगाए जाते हैं।उन पौधों को पानी देने की जिम्मेदारी बांधकाम विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है। लोक निर्माण विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुंह मोड़ रखा है। जिसकी वजह से आबोहवा को शुद्ध करने में योगदान देने वाले हजारों पेड़-पौधे दम तोडऩे को मजबूर हैं।
सड़क पर बने डिवाइडरों की हरियाली दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही
साईं बाबा मंदिर से शांती नगर व फरवर लाइन से नेहरू चौक तक के बीच सड़क पर बने डिवाइडरों की हरियाली दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है, जिन्हें लगाने के बाद भूला दिया गया है। पहले से सूखे पेड़ ही लगा दिए जाते हैं, फिर न तो उसकी सिंचाई की जाती है और न ही उसके लिए खाद की व्यवस्था। हालत तो यह है कि सूखे हुए पेड़ों की जड़ों में कंक्रीट से भरी मिट्टी, रेत युक्त मिट्टी और ईंट के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। इससे इनका विकास रुक गया है। जिसे देखते हुए पूर्व नगरसेवक प्रभु गुप्ता ने मनपा सार्वजनिक बांधकाम विभाग को लिखित पत्र देकर डिवाइडरों में बीच लगे पेड़ व पौधों को पानी देने की व्यवस्था करने की मांग की है। इस बारे में बांधकाम विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रशांत सालुंखे ने पानी डालने का टैंकर खराब हो चुका है,जिसे भंगार में डाल दिया गया है। पानी के नए टैंकर के लिए वाहन विभाग के केणी के पास प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलने पर फिर नए टैंकर से डिवाइडरों में बीच लगे पेड़ व पौधों को पानी डालना शुरू हो जाएगा।


