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THANE : 183 करोड़ की निधि उपलब्ध बेहाली से मुक्त नहीं हुई सडकें

ठाणे : तीन महीना पहले ठाणे शहर की सड़कों के लिए १८३ करोड़ की रकम आवंटित की गई थी। इतनी भारी-भरकम रकम की उपलब्धता के बाद भी शहर की सड़कें जर्जर स्थिति में है। गणपति आने वाला है। लेकिन सड़कों को गड्ढों से मुक्ति नहीं मिल पाई। इन बातों का जिक्र करते हुए मनसे विधि और जनहित विभाग के ठाणे शहर अध्यक्ष स्वप्निल महिंद्रकर का कहना है कि इस बार भी शहर में गणपति का आगमन भलीभांति नहीं हो पाएगा। भगवान गणेश ठाणे शहर की सड़कों पर निकले गड्ढों से रूबरू होंगे। उनका कहना है कि तीन महीना पहले ठाणे शहर की सड़कों के लिए जो १८३ करोड़ की निधि आवंटित की गई थी, उसके माध्यम से शहर की सड़कों का कायाकल्प किया जाना था। लेकिन अभी तक शहर की अधिकांश सडकों का काम ही शुरू ही नहीं किया गया है। स्थिति चिंताजनक है।
ठाणे शहर में बारिश के दौरान गड्ढों के कारण क्या क्या स्थिति रही, इसे बताने की आवश्यकता नहीं रही। लेकिन शहर की सड़कें अब भी गड्ढों से मुक्त नहीं हो पाई है। जो निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। खासकर बारिश के समय गड्ढों के चलते सड़क और यातायात जाम से पूरा शहर पीड़ित रहा है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है । लेकिन इसके बाद भी सड़कों की दुरुस्ती, मरम्मत या निर्माण का कार्य नहीं किया जाना निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।।
तीन महीना पहले शहर की सड़कों के लिए जो १८३ करोड़ की निधि उपलब्ध कराई गई थी। इस काम के लिए जिस ठेकेदार को ठेका दिया गया है, वह काम नहीं कर सब ठेकेदारों के माध्यम से काम करवा रहा है। इस मामले का पर्दाफाश करते हुए स्वप्निल महिंद्रकर ने कहा है कि सबकॉन्ट्रैक्टर के हाथों सड़क दुरुस्ती और निर्माण का कार्य सौंप दिए जाने के कारण कार्यों की गुणवत्ता में भारी कमी रहेगी। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस समय राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे शहर के निवासी हैं । उनके निर्देश और आदेश के बाद भी ठाणे शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका है । जो प्रशासनिक विफलता का सबूत है।
ठाणे की बेजार सडकों के कायाकल्प के लिए नगर विकास विभाग की ओर से ठाणे महानगरपालिका को 183 करोड़ की निधि पहले ही उपलब्ध कराई गई थी। इस निधि के माध्यम से सड़कों से संबंधित कई कार्य किए जाने थे । जिसमें सीमेंट कंक्रीटीकरण, डामरीकरण और यू टु डब्ल्यू टु पद्धति से रास्ता बनाने जैसे कार्यों को लेकर निविदा निकाली गई थी। 127 सड़कों में 84 सड़कें यू टी डब्ल्यू टी, 34 सड़कों का डामरीकरण किया जाना था । इसी में उड़ान पुलों के रास्ते को भी शामिल किया गया है। इस संदर्भ में ठेकेदारों को जून २०22 में ही आदेश दिया गया है।
इन बातों की जानकारी देते हुए स्वप्निल महिंद्रकर ने भंडाफोड़ किया है कि सड़कों से संबंधित यह सारे काम करने का ठेका केवल दो ठेकेदारों को ही दिखा दिया गया है। लेकिन मुख्य ठेकेदार सबकॉन्ट्रैक्टर के माध्यम से यह काम करवा रहे हैं । ऐसी स्थिति में कार्यों का स्तर घटिया किए जाने की पूरी संभावना है। आगे उन्होंने बताया कि सड़कों के डामरीकरण के लिए ७१ करोड ९४ लाख ८६ हजार ०८४ औरर यु टी डब्लु टी के लिए ८१ करोड २४ लाख ६१ हजार ७६८ तथा सिमेंट काँक्रिटीकरण के लिए ३० करोड ८० लाख ५६ हजार ४८७ की निधि आवंटित की गई है। इस तरह १८३ करोड़ की निधि सड़कों के कायाकल्प पर ठाणे महानगरपालिका खर्च करने वाली है। प्रशासनिक कार्यशैली को देखकर ऐसा लग रहा है कि उसमें भी भारी भ्रष्टाचार किया जाएगा।

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