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Shanghai : तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन

Shanghai: India's Disappointing Performance in the Second Stage of the Archery World Cup

पदक से चूकीं पुरुष और महिला टीमें
शंघाई : (Shanghai)
तीरंदाजी विश्व कप (Archery World Cup) के दूसरे चरण में भारत की पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं। मजबूत दावेदार मानी जा रही दोनों टीमों ने निर्णायक मौकों पर निराशाजनक प्रदर्शन किया।

सबसे बड़ा झटका महिला टीम (women’s team) को लगा, जिसने पिछले महीने मैक्सिको में आयोजित पहले चरण में भारत को एकमात्र स्वर्ण पदक दिलाया था। ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रगति और अदिति स्वामी (Jyothi Surekha Vennam, Pragati, and Aditi Swami) की तिकड़ी क्वार्टर फाइनल में तुर्की से 227-233 से हारकर बाहर हो गई।

भारतीय महिला टीम तुर्की की हज़ाल बुरुन, डेफ्ने चाकमाक और एमिने राबिया ओगुज़ (Turkey’s Hazal Burun, Defne Cakmak, and Emine Rabia Oguz) की निरंतरता का मुकाबला नहीं कर सकी, जिन्होंने दूसरे एंड से बढ़त बनाकर मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी।

पुरुष टीम ने सेमीफाइनल तक पहुंचकर उम्मीद जगाई, लेकिन वहां भी दबाव में प्रदर्शन नहीं कर सकी। ओजस देवताले, साहिल जाधव और कुशल दलाल (Ojas Deotale, Sahil Jadhav, and Kushal Dalal) की टीम को कांस्य पदक मुकाबले में चीन के खिलाफ शूट-ऑफ में हार का सामना करना पड़ा।

कांस्य पदक मुकाबले में दोनों टीमों का स्कोर 234-234 से बराबर रहा। शूट-ऑफ में भी दोनों टीमों ने तीन-तीन सटीक निशाने लगाए, लेकिन चीन के दो तीर केंद्र के अधिक करीब रहे, जबकि भारत का केवल एक तीर केंद्र के करीब था, जिससे चीन ने मुकाबला जीत लिया।

मुकाबले के मध्य तक भारत 118-117 से आगे था, लेकिन चीन ने वापसी करते हुए तीसरे एंड में स्कोर बराबर कर लिया। अंतिम एंड में भी दोनों टीमों ने 58-58 का स्कोर किया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव में महत्वपूर्ण अंक गंवा दिए।

सेमीफाइनल में भारत को अमेरिका के खिलाफ 234-235 से करीबी हार झेलनी पड़ी। शुरुआती तीन एंड तक बढ़त बनाए रखने के बावजूद भारतीय टीम अंतिम चरण में पिछड़ गई।

इन लगातार हारों ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम निर्णायक मौकों पर दबाव संभालने में संघर्ष कर रही है, जो आगामी एशियाई खेलों से पहले चिंता का विषय है।

चार महीने बाद जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों से पहले यह प्रदर्शन टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। विदेशी कोच की कमी और ठोस योजना के अभाव का असर अब साफ दिखने लगा है।

हालांकि मिश्रित युगल वर्ग में ओजस देवताले और अदिति स्वामी की जोड़ी से अभी भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और सभी कंपाउंड तीरंदाज अंतिम 32 में पहुंचने में सफल रहे।

पुरुष वर्ग में अभिषेक वर्मा, साहिल जाधव, कुशल दलाल और ओजस देवताले (Abhishek Verma, Sahil Jadhav, Kushal Dalal, and Ojas Deotale) ने अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह बनाई। अगले दौर में अभिषेक वर्मा और साहिल जाधव आमने-सामने होंगे।

महिला वर्ग में मधुरा ने चीन की वांग यूए को 148-147 से हराया, लेकिन अगले दौर में उन्हें शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका की एलेक्सिस रुइज़ से कड़ी चुनौती मिलेगी। ज्योति सुरेखा वेन्नम ने क्वालिफिकेशन में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वापसी करते हुए कजाखस्तान की डायना यूनुसोवा को 150 के परफेक्ट स्कोर के साथ हराया।

अदिति स्वामी (Aditi Swami) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रेट ब्रिटेन की इसाबेल कारपेंटर को हराया, जबकि प्रगति ने सिंगापुर की ओंग मैडलिन शुए ली को करीबी मुकाबले में 143-142 से पराजित किया।

रिकर्व वर्ग की स्पर्धाएं जारी हैं, लेकिन पहले चरण में खराब प्रदर्शन और इस बार मजबूत कोरियाई खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए भारत की संभावनाएं कम नजर आ रही हैं।

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