
ऋषिकेश : उत्तराखंड के हल्दवानी वन प्रभाग की छकाता रेंज की नकौल चौकी के पास बुधवार को मृत मिले आठ वर्षीय बाघ की मृत्यु गंभीर संक्रमण से हुई थी।
हल्द्वानी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी बाबू लाल ने बताया कि इस बात की पुष्टि बाघ की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष रूप से बाघ के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं थे लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान उसके अंदरूनी अंग गले हुए मिले। उसका पेट व आंतें भी खाली थी।
चिकित्सकों का मानना है कि भयंकर रूप से संक्रमित होने के कारण बाघ ने लम्बे समय से कुछ खाया नहीं था।
बाबू लाल ने बताया कि बाघ के गले हुए अंगों के नमूने जांच के लिए भेजे गये हैं ।


