Research on the age of the Mal-Pahadiya tribe from the Sami
रांची : रिम्स का पीएसएम विभाग सुदूरवर्ती संथाल के इलाके में रहने वाली माल-पहाड़िया जनजाति के लोगों की औसत उम्र कम क्यों है, इस पर रिसर्च करेगा। रिसर्च के लिए निकाली गई पांच पदों पर नियुक्ति के परिणाम जारी कर दिए गए हैं।
स्वीडन की सामी जनजाति की औसत आयु 83 साल होती है जबकि माल-पहाड़िया की आयु 60 वर्ष से भी कम है। इस पर रिम्स शोध करेगा। इसमें माल पहाड़िया जनजाति के रहन-सहन, खानपान पर शोध होगा। यह पता लगाया जाएगा कि आखिर क्या वजह है कि झारखंड की माल-पहाड़िया जनजाति की औसत आयु सीमा यूरोप के स्वीडन की सामी जनजाति से कम है।
शोध में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (कंसलटेंट) के लिए सेसिल हेम्ब्रम, न्यूट्रीशनिस्ट (कंसलटेंट) के लिए ममता कुमारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए फारूक अंसारी, प्रोजेक्ट अस्सिटेंट-ll (मल्टीटास्किंग) के लिए चिंटू कुमार मोदक, प्रोजेक्ट अस्सिटेंट-l (मल्टीटास्किंग) के लिए विजय कुमार और अकाउंट्स सपोर्ट प्रोजेक्ट अस्सिटेंट-ll के लिए ब्रजेश कुमार हेम्ब्रम का चयन किया गया है। शोध के लिए रिम्स के एसोसिएट डीन रिसर्च ने साक्षात्कार के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया।


