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PUNE : मानसिक रोगियों को इलाज के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर कार्यकर्ताओं ने मिलाया हाथ

पुणे : महाराष्ट्र में एक अंधविश्वास रोधी समूह और कुछ गैर सरकारी संगठनों ने मानसिक रोगियों को चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर एक परियोजना शुरू की है। देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे कई मरीज इस विश्वास के साथ महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के सैलानी गांव में सैलानी बाबा दरगाह आते हैं कि सदियों पुरानी सूफी दरगाह की चमत्कारी उपचार शक्ति उन्हें मानसिक रोग से उबरने में मदद करेगी। लेकिन, कभी-कभी वे स्वयंभू संतों और झोलाछापों के झांसे में आ जाते हैं। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) के सदस्य व मनोचिकित्सक डॉ. हमीद दाभोलकर ने बताया, ‘दरगाह में इलाज की कोई सुविधा नहीं है। लोग इस विश्वास के साथ वहां जाते हैं कि दरगाह की उपचार शक्तियों के कारण बीमारी ठीक हो जाएगी।’ उन्होंने कहा कि एमएएनएस और अन्य गैर सरकारी संगठन का इरादा लोगों को उनके विश्वास को मानने से रोकने का नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम तो उन्हें कहते हैं कि दुआ के साथ, उन्हें दवा की भी जरूरत है। इसके लिए उन्हें स्वयंसेवकों और मनोचिकित्सकों की हमारी टीम की मदद भी लेनी चाहिए।’ एमएएनएस ने ‘दवा-दुआ’ प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय एनजीओ मातृभूमि फाउंडेशन और पूर्व विधायक हर्षवर्धन सपकाल के साथ करार किया है।

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