
आलोक गुप्ता
प्रयागराज : हाईकोर्ट के इर्द-गिर्द जाम, पार्किंग, फुटपाथी दुकानदारों की समस्याओं के मद्देनजर यातायात पुलिस ने नये नियम जारी किए हैं। यह नियम हाईकोर्ट के द्वारा गठित की गई कमेटी से विचार-विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से लिए गए हैं। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि उक्त निर्णय के तहत एकलव्य चौराहे से महाधिवक्ता कार्यालय होकर कानपुर की ओर जाने वाला मार्ग नो पार्किंग/ नो स्टापिंग जोन घोषित किया जाता है। इसी प्रकार पेट्रोल पंप (हाईकोर्ट) से एकलव्य चौराहे की ओर जाने वाला मार्ग भी नो पार्किंग / नो स्टापिंग जोन घोषित किया जाता है।
बताते चलें कि उच्च न्यायालय की रिट संख्याः क्रिमिनल मिस एप्लीकेशन संख्याः 10104/2022 तैयबा बेगम बनाम राज्य के वाद में निर्देशानुसार वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्रनाथ सिंह, राधाकांत ओझा, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यवीर सिंह जादौन, एसके पाल, साशकीय अधिवक्ता और उच्च न्यायालय बार एसोसिएसन के अन्य पदाधिकारी की समिति गठित की गई थी। उक्त समिति द्वारा विचार विमर्श करने के उपरांत समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के अधीन यातायात को लेकर यातायात विभाग ने नये नियम जारी किए हैं।
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि हनुमान मंदिर से पानी की टंकी चौराहा (शहर की ओर जाने वाले रेलवे ओवर ब्रिज) तक फ्लाई ओवर के आधार स्तंभों के (महाधिवक्ता कार्यालय वाले किनारे पर) मजबूत रेलिंग बनाई जाए। एकलव्य चौराहे से पानी की टंकी चौराहे तक जाने वाले मार्ग को एकल दिशा मार्ग (वन वे ट्रैफिक) बनाया जाए ताकि उस पर कोई भी वाहन पार्क न होने पाए।
उच्च न्यायालय के मुख्य भवन और महाधिवक्ता कार्यालय के मध्य पैदल आवागमन के लिए आवश्यकतानुसार कुछ छोटे गेट बना दिए जाएं, जिससे इन दोनों के मध्य पैदल आवागमन बना रहे। यह व्यवस्था किए जाने से आपातकालीन वाहनों का आवागमन उच्च न्यायालय परिसर और महाधिवक्ता कार्यालय की ओर अल्प समय में निर्बाध रुप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रेलिंग की दूसरी ओर फ्लाई ओवर के नीचे जहां अधिवक्ताओं द्वारा अपने बस्ते लगा दिए गए हैं, वहां से पानी की टंकी चौराहे तक काफी स्थान रिक्त है। अधिवक्ताओं के बस्ते, उनके मुवक्किलों के रोजमर्रा की जरुरत का सामान बेचने वाले लोगों की दुकानों को इस रिक्त स्थान पर व्यवस्थित रुप से समायोजित किया जाएगा।


