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Patna: आर्थिक विकास के लिए बने राष्ट्रीय श्रम नीति : बीएमएस

Patna

न्यूनतम मजदूरी के स्थान पर तय हो जीविका मजदूरी

पटना:(Patna) भारतीय मजदूर संघ (BMS) के 20वें राष्ट्रीय अधिवेशन के तीसरे एवं अंतिम दिन रविवार को दो प्रस्ताव पारित किए गए। इस प्रस्ताव में आर्थिक विकास के लिए राष्ट्रीय श्रम नीति बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

पटना के केशव सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में आयोजित अधिवेशन में क्षेत्रीय संगठन मंत्री राज बिहारी शर्मा ने आर्थिक विकास के लिए राष्ट्रीय श्रम नीति से संबंधित प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का दो प्रमुख आधार है- पूंजी और श्रम। आर्थिक विकास में पूंजी और श्रम की अहम भूमिका होती है, लेकिन आर्थिक विकास से अर्जित लाभ पर पूंजी का एकतरफा अधिकार रहता है और श्रम उपेक्षित रह जाती है। समृद्ध और खुशहाल श्रम की आवश्यकता की वकालत करते हुए शर्मा ने आर्थिक विकास के लिए राष्ट्रीय श्रम नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रस्ताव का अनुमोदन दिल्ली प्रदेश के महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर ने किया।

बीएमएस विदर्भ प्रांत के अध्यक्ष शिल्पा पांडेय ने न्यूनतम मजदूरी के स्थान पर जीविका मजदूरी देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के वैधानिक दायित्व के निर्वहन के लिए देश की आर्थिक नीति में न्यूनतम मजदूरी के स्थान पर जीविका मजदूरी तय किया जाये, क्योंकि भारत जैसे देश को गरीबी उन्मूलन के लिए वर्तमान मजदूरी की जगह जीविका मजदूरी तय करना आज की आवश्यकता है। इस प्रस्ताव का अनुमोदन राष्ट्रीय मंत्री सोमेश विश्वास ने किया। अधिवेशन में मौजूद देशभर के प्रतिनिधियों ने भारत माता की जय के साथ इस प्रस्ताव को पारित किया।

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