
नई दिल्ली : (New Delhi) टेक्सटाइल इंडस्ट्री (textile industry) में इस्तेमाल होने वाले केमिकल का उत्पादन करने वाली कंपनी वाह केमिकल्स का 13.45 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में आठ जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद नौ जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 10 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट (Demat accounts) में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 11 जून को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 60 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,40,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 22.42 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 1.14 लाख शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.46 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए भी 47.46 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.08 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए मारवाड़ी चंदाराणा इंटरमीडियरीज ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड (Marwadi Chandarana Intermediaries Brokers Pvt. Ltd) को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
वाह केमिकल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 2.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 5.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 23.75 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 43.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में मामूली बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर 11.25 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 11.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में ये 6.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 14.92 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में ये 1.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 8.85 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 2024-25 में 4.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 8.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।


