
नई दिल्ली : (New Delhi) पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Legendary former batsman Sachin Tendulkar) का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) (आईपीएल) में इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने तर्क देते हुए कहा है कि यह टी20 क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच असंतुलन (imbalance between bat and ball in T20 cricket) पैदा करता है। इससे टीमों को पहले से ही मजबूत लाइन-अप में एक अतिरिक्त बल्लेबाज को जोड़ने की अनुमति मिलती है। तेंदुलकर का मानना है कि इस प्रारूप में गेंदबाज पहले से ही काफी दबाव में रहता है, ऊपर से यह नियम खेल को बल्लेबाजों के पक्ष में और अधिक झुका देता है।
ईएसपीएन क्रिकइन्फो अवॉर्ड्स समारोह (ESPN Cricinfo Awards ceremony) में तेंदुलकर ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मैं कह सकता हूं कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' की अवधारणा को खत्म कर देना चाहिए।' उन्होंने कहा किमुझे लगता है कि जब टी20 फॉर्मेट में आपको सिर्फ 20 ओवर ही खेलने होते हैं और फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वहां मुझे असंतुलन नजर आता है।’
आईपीएल में इंपैक्ट प्लेयर का नियम 2023 (‘Impact Player’ rule was introduced in the IPL in 2023) में लागू किया गया था। इस नियम के तहत टीमें प्लेइंग इलेवन में शामिल किसी खिलाड़ी को पहले से घोषित किए गए पांच खिलाड़ियों में से किसी एक से बदल सकती हैं। इस नियम की मुख्य आलोचना यह है कि इससे बल्लेबाजों को अधिक स्वतंत्रता से बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है। पिछले दो-तीन संस्करणों में स्कोरिंग रेट और टीम के कुल स्कोर में यह बात साफ झलकती भी है। इस नियम की आलोचना कई अन्य खिलाड़ी भी कर चुके हैं। इनमें रोहित शर्मा, अक्षर पटेल, शुभमन गिल (Rohit Sharma, Axar Patel, and Shubman Gill) जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
तेंदुलकर ने आईपीएल में बल्ले और गेंद के बीच दिखने वाले असंतुलन को बदलने के लिए दो और सुझाव दिए। पहला, पावरप्ले को बल्लेबाजों के पावरप्ले और गेंदबाजों के पावरप्ले में विभाजित करना और दूसरा प्रत्येक पारी में एक गेंदबाज को पांच ओवर देना।
पूर्व दिग्गज ने कहा कि `फील्डिंग प्रतिबंधों के साथ छह ओवर के पावरप्ले में रिंग के बाहर केवल दो फील्डर ही तैनात किए जा सकते हैं। पहले चार ओवर बल्लेबाजों के लिए हों और उनमें भी यही फील्डिंग प्रतिबंध लागू हों। इसके बाद शेष दो पावरप्ले ओवर फील्डिंग कप्तान अपनी इच्छानुसार ले सकते हैं। इन दो लगातार ओवरों में खेल के किसी भी चरण में रिंग के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर तैनात किया जा सकेगा। तेंदुलकर ने कहा कि इससे आप (फील्डिंग करने वाली टीम) खेल को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर पाएंगे।’
उन्होंने अंतिम सुझाव में कहा कि एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि हमेशा टीम का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज ही पांचवां ओवर फेंकता है। क्या आप उस सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को और अधिक गेंदबाजी करते देखना नहीं चाहेंगे? शीर्ष बल्लेबाज कभी-कभी 20 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं तो सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को पांच ओवर क्यों नहीं फेंकने चाहिए।


