
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और प्रिया कपूर (late industrialist Sanjay Kapur—and Priya Kapur) के बीच सोना ग्रुप पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता के लिए भेज दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला (Justice J.B. Pardiwala) की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि विरासत की इस लंबी लड़ाई में 80 वर्षीय पक्षकार का कोई भला नहीं होने वाला है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आप क्यों लड़ रहे हैं। आपके मुवक्किल की उम्र लड़ने की नहीं है। आप मध्यस्थता में जाकर मामला निपटाइए। कोर्ट ने कहा कि मामले को लंबा खींचने से कुछ हासिल नहीं होता है वो भी बड़ी उम्र में।
दरअसल, दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर (industrialist Sanjay Kapur) की मां रानी कपूर ने पारिवारिक ट्रस्ट आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। रानी कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि आरके फैमिली ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं।
याचिका में कहा गया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट का गठन बिना याचिकाकर्ता की जानकारी या सहमति के किया गया। इसी वजह से याचिकाकर्ता को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। ट्रस्ट की सारी संपत्ति उनकी थीं, लेकिन ट्रस्ट का गठन करते समय उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। ट्रस्ट के गठन के समय उन्हें हार्ट का स्ट्रोक आया था, जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब थी। रानी कपूर ने कहा है कि ट्रस्ट के कागजात पर हस्ताक्षर बिना उसका कंटेंट जाने करा लिया गया। कुछ सादे कागजों पर उनके हस्ताक्षर ले लिए गए।


