
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उद्योगपति बीना मोदी और वरिष्ठ वकील ललित भसीन (industrialist Bina Modi and senior advocate Lalit Bhasin) के विरूद्ध समीर मोदी की ओर से दर्ज केस को निरस्त कर दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने ये आदेश समीर मोदी की ओर से केस वापस लेने की सूचना के बाद दिया।
सोमवार को सुनवाई के दौरान बीना मोदी, समीर मोदी और ललित भसीन कोर्ट (Bina Modi, Samir Modi, and Lalit Bhasin) में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए। सभी पक्षकारों से बात करने पर कोर्ट ने पाया कि समझौता बिना किसी समझौता पत्र या किसी राशि पर सहमत हुए ही किया गया है। कोर्ट ने समीर मोदी से पूछा कि क्या आपने समझौता कर लिया है। तब समीर मोदी ने कहा कि उन्होंने अपना केस वापस ले लिया है। उसके बाद कोर्ट ने समीर मोदी की ओर से दर्ज कराए गए केस को निरस्त करने का आदेश दिया।
इसके पहले उच्च न्यायालय ने 18 मार्च को समीर मोदी की ओर से ट्रायल कोर्ट में दाखिल याचिका की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई थी। साकेत कोर्ट ने फरवरी में समीर मोदी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था और बीना मोदी, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद और ललित भसीन को समन जारी किया था। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने 2024 में समीर मोदी के साथ मारपीट की थी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 30 मई 2024 को सुरेंद्र प्रसाद की गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के गेट (gate of Godfrey Phillips India Limited) पर ड्यूटी लगाई गई थी। 30 मई 2024 को जसोला के ओमैक्स स्क्वायर में कंपनी की बोर्ड मीटिंग चल रही थी। निजी सुरक्षा अधिकारी बोर्ड मीटिंग के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। तभी समीर मोदी वहां पहुंचे और जबरन बोर्ड मीटिंग में प्रवेश करने की कोशिश की, जबकि जिस कमरे में मीटिंग हो रही थी वो बंद था। निजी सुरक्षा अधिकारी कमरे के गेट और समीर मोदी के बीच में आ गए जिसके बाद समीर मोदी (Samir Modi) ने निजी सुरक्षा अधिकारी का कॉलर पकड़ा और उससे मारपीट की।
समीर मोदी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया था कि उनकी मां बीना मोदी ने उन पर हमले की योजना बनाई। समीर मोदी ने अपनी शिकायत में कहा था कि बीना मोदी और कंपनी के बोर्ड मेंबर काफी प्रभावशाली हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बीना मोदी और उनके परिवार के बीच कंपनी पर वर्चस्व को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है।


