
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया (Union Minister for Youth Affairs and Sports Mansukh Mandaviya) ने भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद को प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट (indian Grandmaster R. Praggnanandhaa) जीतने पर बधाई दी। प्रज्ञानानंद इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
मांडविया ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि पूरा देश इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मना रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “भारतीय शतरंज के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद को हार्दिक बधाई। पूरे देश को आप पर गर्व है।”
चेन्नई के 20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद ने नॉर्वे के स्टावेंजर में खेले गए टूर्नामेंट के 10वें और अंतिम दौर में जर्मनी के विन्सेंट कीमर (Germany’s Vincent Keymer) को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने कुल 18 अंक हासिल किए और अमेरिका के ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो (17 अंक) को पीछे छोड़ते हुए चैंपियन बने।
प्रज्ञानानंद की यह सफलता टूर्नामेंट इतिहास की सबसे शानदार वापसी में से एक मानी जा रही है। छह राउंड के बाद वह छह खिलाड़ियों में अंतिम स्थान पर थे, लेकिन इसके बाद लगातार चार जीत दर्ज कर उन्होंने शानदार वापसी की और खिताबी दौड़ में खुद को आगे कर लिया।
उनकी लगातार जीत के क्रम में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) के खिलाफ दूसरी जीत और अंतिम से पहले दौर में मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश पर महत्वपूर्ण जीत शामिल रही।
फाइनल राउंड में प्रज्ञानानंद ने विन्सेंट कीमर के खिलाफ मध्य खेल में प्रतिद्वंद्वी की गलतियों का पूरा फायदा उठाया और 45वीं चाल पर मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ प्रज्ञानानंद ने न केवल नॉर्वे शतरंज के पहले भारतीय विजेता बनने का रिकॉर्ड बनाया, बल्कि 1 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी जीती।


