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New Delhi : ट्रायल में देरी को आधार बनाकर दिल्ली हाई कोर्ट में सिसोदिया ने मांगी जमानत

दोपहर बाद ईडी और सीबीआई की ओर से दलीलें रखी जाएंगी
नई दिल्ली : (New Delhi)
दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार को दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (former Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia) की जमानत पर सुनवाई चल रही है। जमानत की मांग करते हुए सिसोदिया की ओर से वरिष्ठ वकील दायन कृष्णन ने दलील दी कि अभी भी इस मामले में ईडी और सीबीआई की जांच और गिरफ्तारी जारी है। दोपहर बाद जमानत याचिका पर ईडी और सीबीआई की ओर से दलीलें रखी जाएंगी।

सुनवाई के दौरान दायन कृष्णन ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया और कहा कि सीबीआई ने इस मामले में एक मुख्य चार्जशीट और दो पूरक चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने एक मुख्य चार्जशीट और छह पूरक चार्जशीट दाखिल की है। दोनों मामलों में अभी जांच जारी है। इस मामले में अभी गिरफ्तारी भी जारी है। सबसे ताजा गिरफ्तारी 3 मई को की गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 अप्रैल को सीबीआई और ईडी की ओर से दर्ज केस में सिसोदिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसी आदेश को सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

दायन कृष्णन ने कहा कि एक आरोपित के खिलाफ तो अभी आरोप भी तय नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान इस पहलू पर गौर नहीं किया। अभियोजन पक्ष ने अभी तक ट्रायल पूरा करने की कोशिश नहीं की है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए दो बार याचिका लगाई गई, ऐसे में ये कहना गलत होगा कि आरोपितों की ओर से ट्रायल में देरी की जा रही है। हकीकत ये है कि ट्रायल शुरू करने की दिशा में शून्य काम हुआ है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक मनीष सिसोदिया को जमानत दी जानी चाहिए।

इस मामले के सह आरोपित और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अंतरिम जमानत दी थी। उसके पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

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