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New Delhi : सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा

New Delhi: Siddaramaiah Submits Resignation to Governor's Secretary

कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज
अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान!
नई दिल्ली : (New Delhi)
कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद उठाया गया यह कदम राज्य की सत्ता में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक इस राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज है। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर महीनों से चल रही हलचल अब खुलकर सामने आ चुकी है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के साथ ही यह सवाल और बड़ा हो गया है कि आखिर अब कर्नाटक की कमान किसके हाथ में जाएगी।

इस्तीफे के बाद क्या बोले सिद्धारमैया?
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक अंदाज में कहा कि संविधान ही उनका धर्म है और जनता उनके लिए भगवान के समान है। उन्होंने कहा, “मुझे कन्नड़नाडु के 7 करोड़ लोगों से बात करने और दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे (Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, and Mallikarjun Kharge) का आभार व्यक्त करता हूं।” सिद्धारमैया ने यह भी साफ किया कि उनके इस्तीफे के बावजूद कांग्रेस सरकार पूरी तरह स्थिर है और बहुमत में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास 135+1 सीटें हैं और दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।

‘कावेरी’ आवास पर हुई अहम बैठक
इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ पर कांग्रेस नेताओं की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है जिसमें डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया को सम्मान देते नजर आए। इसे सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में एचके पाटिल, प्रियांक खड़गे, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल और रामलिंगा रेड्डी (H.K. Patil, Priyank Kharge, K.J. George, M.B. Patil, and Ramalinga Reddy) जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इससे साफ संकेत मिला कि कांग्रेस नेतृत्व बदलाव को लेकर पूरी तैयारी में है।

क्या डीके शिवकुमार होंगे अगले मुख्यमंत्री?
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद सबसे मजबूत दावेदार के रूप में डीके शिवकुमार का नाम सामने आ रहा है। उनके समर्थकों ने बेंगलुरु स्थित आवास के बाहर मिठाइयां बांटकर खुशी भी जाहिर की। डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2023 विधानसभा चुनाव (Assembly elections) में कांग्रेस की जीत में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी। हालांकि कांग्रेस हाईकमान की तरफ से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि दिल्ली में अंतिम चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।

प्रियांक खड़गे को लेकर भी बढ़ी चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रियांक खड़गे का नाम भी सुर्खियों में आ गया है। कलबुर्गी में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विशेष पूजा कर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई। प्रियांक खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे (Priyank Kharge is the son of Congress President Mallikarjun Kharge) हैं और पार्टी के युवा चेहरों में उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है। ऐसे में अगर कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करती है, तो उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार
सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है, लेकिन अभी औपचारिक स्वीकृति मिलना बाकी है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत यात्रा पर हैं और बेंगलुरु लौटने के बाद आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना और नए मुख्यमंत्री को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती क्या?
कांग्रेस ने कर्नाटक में हाल ही में अपने शासन के तीन साल पूरे किए हैं। ऐसे समय में नेतृत्व परिवर्तन पार्टी के लिए राजनीतिक अवसर भी है और चुनौती भी। एक तरफ पार्टी नई ऊर्जा और संतुलन के साथ सरकार चलाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सत्ता परिवर्तन से संगठन में असंतोष न बढ़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बदलाव सुचारू तरीके से होता है, तो कांग्रेस 2028 विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत स्थिति बना सकती है। लेकिन किसी भी तरह की अंदरूनी खींचतान विपक्ष को बड़ा मुद्दा दे सकती है।

कर्नाटक की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत
सिद्धारमैया का इस्तीफा सिर्फ एक मुख्यमंत्री का पद छोड़ना नहीं, बल्कि कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि कांग्रेस इस बदलाव को कितनी मजबूती से संभाल पाती है और क्या डीके शिवकुमार (D.K. Shivakumar) वाकई कर्नाटक की सत्ता के नए चेहरे बनने जा रहे हैं।

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