नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान (Former Delhi MLA Naresh Balyan) ने मकोका के मामले में दायर जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट से वापस ले ली है। नरेश बाल्यान की ओर से पेश वकील ने हाई कोर्ट से कहा कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, इसलिए वे जमानत याचिका वापस ले रहे हैं। उसके बाद हाई कोर्ट ने जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
इस मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 5 मई को दिल्ली पुलिस की ओर से नरेश बाल्यान समेत पांच आरोपितों के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने नरेश बाल्यान की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि बाल्यान के खिलाफ मकोका का मामला बनता है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमित प्रसाद (Special Public Prosecutor Amit Prasad) ने मकोका के प्रावधान को पढ़ते हुए कहा था कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह से अपराध में मदद करता है तो वो मकोका के दायरे में आएगा। अमित प्रसाद ने कहा था कि चार्जशीट में गिरोह का जिक्र किया गया है, इसमें केवल एक व्यक्ति की भूमिका की बात नहीं है। 2019 में दर्ज एफआईआर में चश्मदीद गवाह की 2024 में हत्या कर दी गई। इससे आरोपित की सांठ-गांठ का पता चलता है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान नरेश बाल्यान की ओर से पेश वकील एमएस खान ने कहा था कि उनके खिलाफ मकोका का आरोप नहीं बनता है, क्योंकि इसके लिए निरंतर अपराध होना जरुरी है। जबकि एफआईआर में कोई नया अपराध या कोई नई गतिविधि दर्ज नहीं की गई है।


