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New Delhi : कमजोरी लिस्टिंग के बाद ग्लोबटियर इंफोटेक के शेयरों पर लगा लोअर सर्किट

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नई दिल्ली : (New Delhi) आईटी सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी ग्लोबटियर इंफोटेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट (stock market) में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को काफी निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 72 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 57.60 रुपये के स्तर पर हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो जाने के कारण कुछ ही देर में कंपनी के शेयर फिसल कर 54.72 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 17.28 रुपये यानी 24 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

ग्लोबटियर इंफोटेक (Globtier Infotech) का 31.05 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 28 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.04 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.63 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 27.44 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 5,00,800 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.74 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 5.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 4 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 94.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 8.06 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में बढ़ कर 12.60 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी के कर्ज में मामूली कमी आई और ये घट कर 12.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।