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New Delhi : भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए के चार वर्ष पूरे, द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को मिली मजबूती

New Delhi: India-Australia ECTA Completes Four Years; Bilateral Economic Partnership Strengthened

नई दिल्ली : (New Delhi) भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (Economic Cooperation and Trade Agreement) (ECTA) के चार वर्ष पूरे होने के साथ द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती मिली है। निर्यात में मजबूत वृद्धि के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक भारत का ऑस्ट्रेलिया के साथ कुल व्यापार 19.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते के हस्ताक्षर को आज 4 वर्ष पूरे हो गए हैं। 2 अप्रैल, 2022 को हस्ताक्षर किए जाने के बाद से इस समझौते ने व्यापार बढ़ाने, उद्योग संबंधों को सुदृढ़ करने और व्यवसाय, उद्यमिता व रोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम योगदान दिया है। पिछले चार वर्षों में इस समझौते ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूती प्रदान की है, जिससे दोनों पक्षों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार बाधाओं में कमी का लाभ मिला है। ऑस्ट्रेलिया को भारत से होने वाला निर्यात दोगुने से ज्यादा बढ़ गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में निर्यात 4 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुल द्विपक्षीय व्यापार 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाले निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) भारत का ऑस्ट्रेलिया के साथ कुल व्यापार 19.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

मंत्रालय के मुताबिक यह समझौता द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा है, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को ठोस लाभ प्राप्त हो रहे हैं। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (India-Australia Economic Cooperation and Trade Agreement) के 4 साल पूरे होने के अवसर पर दोनों पक्षों ने व्यापार विस्तार, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने, निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

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