
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार (Central Government) ने सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) (Coal India Limited) में अपनी दो फीसदी हिस्सेदारी ब्रिकी की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। ये प्रक्रिया गैर-खुदरा निवेशकों के लिए बिक्री पेशकश (ओएफएस) बुधवार को खुल गई। इसके लिए न्यूनतम 412 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है। सरकार को इस बिक्री से लगभग 5,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
सीआईएल (OFS in CIL)में दो दिन चलने वाली बिक्री पेशकश के तहत सरकार लगभग 12.32 करोड़ शेयर बेच रही है। इसमें एक फीसदी के ग्रीनशू विकल्प को भी शामिल किया है। खुदरा निवेशक इसमें निवेश करने के लिए अब 29 मई को शेयरों के बोली लगा सकेंगे, क्योंकि 28 मई को शेयर बाजार बंद रहेगा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) (Bombay Stock Exchange) के आंकड़ों के अनुसार शेयर बाजार खुलने के एक घंटे के भीतर ही गैर-खुदरा निवेशकों की ओर से लगभग 27.39 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई गई। यह उनके लिए आरक्षित 5.54 करोड़ शेयरों की तुलना में कहीं अधिक है। सीआईएल के शेयरों के लिए 414.57 रुपये के संकेतात्मक मूल्य पर बोली लगाई गई।
सरकार के द्वारा बिक्री पेशकश के लिए तय 412 रुपये का न्यूनतम मूल्य मंगलवार के बंद भाव 458.25 रुपये से लगभग 10 फीसदी कम है। वहीं, बुधवार को कंपनी का शेयर 2.30 फीसदी के नुकसान के साथ 447.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में यह किसी सरकारी कंपनी के लिए लाया गया दूसरा ओएफएस है। इससे पहले सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) में 8.08 फीसदी की हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे।


