
नई दिल्ली : (New Delhi) प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।
ईडी ने बताया कि यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) (PMLA), 2002 के तहत सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की जा रही है। सलीम डोला को भारत सरकार ने पिछले महीने तुर्किये से प्रत्यर्पित कराया था। जांच एजेंसियों के अनुसार डोला अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का संचालन करता रहा है।
ईडी के अनुसार छापेमारी उन परिसरों पर की जा रही है जिनका संबंध मादक पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के आपूर्तिकर्ताओं, रासायनिक व्यापार से जुड़े बिचौलियों, सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (MD) के निर्माण और वितरण में शामिल तस्करों, हवाला कारोबारियों तथा अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों के धारकों से है।
ईडी की जांच मुंबई में सलीम डोला और अन्य आरोपितों के खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े अपराधों की जांच की जा रही है।
अब तक की जांच में एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क (international criminal network) का खुलासा हुआ है, जो मादक पदार्थों के निर्माण के लिए आवश्यक रसायनों की खरीद, गुप्त प्रयोगशालाओं में मेफेड्रोन का उत्पादन, विभिन्न राज्यों में इसकी आपूर्ति, विदेशों तक मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला माध्यमों से अपराध की आय को छिपाने तथा सहयोगियों और अन्य व्यक्तियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने में संलिप्त था।
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मादक पदार्थों के निर्माण से लेकर धन शोधन तक की पूरी शृंखला की जांच की जा रही है। इसके तहत रासायनिक कारखानों, वित्तीय लेनदेन में सहायता करने वाले व्यक्तियों, लेखाकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंटों, हवाला ऑपरेटरों तथा अपराध की आय को बेनामी संपत्तियों और विदेशों में निवेश करने वाले लोगों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
एजेंसी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।


