
नई दिल्ली : (New Delhi) कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है। अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के सामने न उठाने पर नाराजगी जताई गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार का मंत्र ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘पीआर फर्स्ट’ (‘Nation First’ but ‘PR First’) है यानी देश बाद में, प्रचार पहले। फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर बुधवार को मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों नेताओं ने वहां सार्वजनिक बयान भी दिए थे। इस बैठक को लेकर कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने निशाना साधा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी अपनी नजरें नीची करके बैठे थे।
बैठक के माहौल पर तीखी टिप्पणी
पवन खेड़ा ने कहा कि वह सोफे पर सिमटकर बैठे थे। वह ट्रंप को ‘एक्सीलेंसी’ कहकर संबोधित कर रहे थे। यह देखना सच में बेहद शर्मनाक था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई कंपनी एजेंट अपने बॉस से बात कर रहा हो। हमने पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह का नहीं देखा। कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका ने तीन भारतीय नाविकों को मार डाला। इसके बावजूद ट्रंप ने इस पर खेद तक व्यक्त नहीं किया। यह इसलिए हुआ क्योंकि नरेंद्र मोदी वहां बिल्कुल दबे हुए बैठे रहे। वह सिर्फ अपनी तारीफ सुनकर ही संतुष्ट हो गए। खेड़ा ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी मुस्कुराते रहे। उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप से एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्हें बस अपनी त्वचा की तारीफ पसंद आ गई। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) मार्को रूबियो से फटकार सुनकर लौटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी त्वचा की तारीफ सुनकर आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार का वैश्विक मंच पर ऐसा अपमान देखना बहुत दुखद है। यह ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘पीआर फर्स्ट’ है।





