
नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) बुधवार काे रेलवे टेंडर के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला टाल दिया है। स्पेशल जज विशाल गोगने (Special Judge Vishal Gogne) ने अब 22 मई को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने एक-एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 13 अक्टूबर, 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित बनाया है।
लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी (Ranchi and Puri) के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।


