नई दिल्ली : (New Delhi) इटली की राजधानी रोम में आयोजित अपने 46वें सत्र के दौरान कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (Codex Alimentarius Commission) (सीएसी) ने बाजरा पर भारत के मानकों की प्रशंसा की है और बाजरा के लिए वैश्विक मानकों के विकास के लिए उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन विश्व के 188 सदस्य देशों के साथ संयुक्त राष्ट्र के डब्ल्यूएचओ और एफएओ द्वारा बनाई गई एक अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानक-निर्धारण निकाय है। भारत ने 8 गुणवत्ता मानकों को निर्दिष्ट करते हुए 15 प्रकार के बाजरा के लिए एक व्यापक समूह मानक तैयार किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बैठक में जोरदार सराहना मिली। कोडेक्स में वर्तमान में ज्वार और बाजरा के लिए मानक हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत ने बाजरा के लिए वैश्विक मानकों के विकास के लिए एक प्रस्ताव रखा, विशेष रूप से फिंगर बाजरा, बार्नयार्ड बाजरा, कोडो बाजरा, प्रोसो बाजरा और लिटिल बाजरा के लिए दालों के मामले में समूह मानकों के रूप में, जिसका रोम में आयोजित सत्र में सर्वसम्मति से समर्थन किया गया। इस बैठक में यूरोपीय संघ (ईयू) सहित 161 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत ने बाजरे को आम आदमी की पसंद बनाने में अहम भूमिका निभाई है। भारत का प्रस्ताव दुनिया भर में बाजरा और इसके लाभों को उजागर करने में मानक स्थापित करेगा।
एफएसएसएआई के सीईओ जी कमला वर्धन राव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने साल 2023 को “अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष” के लिए अंतरराष्ट्रीय समूह मानकों का प्रस्ताव दिया था, जिससे इन उत्पादों में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी प्रतिबिंबित किया था।


