मस्कट : (Muscat) भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता (India-Oman Free Trade Agreement) (एफटीए) कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, रत्न और आभूषण, कृषि रसायनों, नवीकरणीय ऊर्जा और ऑटो कंपोनेंट्स सहित कई सेक्टरों में महत्वपूर्ण अवसर खोलेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने समुद्री संबंधों को याद किया, जिसमें लोथल जैसे बंदरगाहों के जरिए ऐतिहासिक व्यापारिक आदान-प्रदान शामिल हैं।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Union Minister of Commerce and Industry) ने बुधवार को मस्कट में भारत-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने अपने संबोधन में ओमान की रणनीतिक लोकेशन पर जोर दिया, जो गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी), पूर्वी यूरोप, मध्य एशिया और अफ्रीका का गेटवे है, जिससे भारतीय बिज़नेस को बेहतर मार्केट एक्सेस मिलता है। गोयल ने दोनों देशों के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौता को द्विपक्षीय संबंधों में एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह लगभग दो दशकों में ओमान का पहला एफटीए होगा।
वाणिज्य मंत्री ने युवाओं के नेतृत्व वाली ग्रोथ का जिक्र करते हुए भारत के विकसित भारत 2047 के विजन और ओमान के विजन 2040 के बीच तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों में युवाओं की ऊर्जा और एंटरप्रेन्योरशिप की भावना लंबे समय तक आर्थिक सहयोग के लिए एक मज़बूत नींव प्रदान करती है। उन्होंने अपने संबोधन में भारत-ओमान सहयोग के लिए ऊर्जा परिवर्तन (एनर्जी ट्रांजिशन), बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर), खाद्य सुरक्षा (फूड सिक्योरिटी) और स्टार्टअप को चार प्रमुख क्षेत्रों के रूप में पहचाना, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाहों, कोल्ड चेन, और डीप टेक में साझेदारी पर जोर दिया गया है, जो दोनों देशों के युवाओं और उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा।
ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश संवर्धन मंत्री, कैस अल यूसुफ (Qais Al Yousuf) ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ओमान का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि ओमान रणनीतिक क्षेत्रों में भारतीय निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। कैस अल यूसुफ ने कहा कि 2020 से ओमान में भारतीय निवेश तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो ग्रीन स्टील, ग्रीन अमोनिया, एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये निवेश ओमान में एक लॉन्ग-टर्म ऑपरेटिंग बेस के रूप में भारत के भरोसे को दिखाते हैं।
भारत-ओमान के बीच गुरुवार को मस्कट में एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच होने वाला यह समझौता आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जाएंगे। इस समझौते पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो ओमान पहुंच गए हैं।


