
धीरज सिंह
मुंबई : (Mumbai) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने 15 मई से मुंबई में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू करने का फैसला किया है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) के अनुमान के अनुसार इस वर्ष अल नीनो और आईओडी (El Niño and the Indian Ocean Dipole) के प्रभाव के कारण कम बारिश होने की आशंका है। वहीं, मुंबई को पानी देने वाले बांधों में जलस्तर घटने से प्रशासन के सामने उपलब्ध पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बांधों में केवल 23.52 प्रतिशत पानी शेष
मुंबई को ऊर्ध्व वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी (Vaitarna, Modak Sagar, Tansa, Middle Vaitarna, Bhatsa, Vihar, and Tulsi) सहित सात बांधों से प्रतिदिन लगभग 3900 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इन सातों बांधों की कुल जल भंडारण क्षमता 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर है, जबकि वर्तमान में केवल 3 लाख 40 हजार 399 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का मात्र 23.52 प्रतिशत है।
बढ़ते तापमान और वाष्पीकरण से बढ़ी चिंता
महानगरपालिका के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान और उससे बढ़ रहे वाष्पीकरण के कारण उपलब्ध जलसंग्रह को सावधानीपूर्वक उपयोग करना जरूरी हो गया है। इसी वजह से एहतियाती कदम के तौर पर 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भातसा बांध से 1 लाख 47 हजार 92 मिलियन लीटर और अपर वैतरणा बांध से 90 हजार मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मुंबई को उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए नागरिकों से घबराने के बजाय पानी का सीमित और जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की गई है।
ठाणे और भिवंडी-निजामपुर में भी कटौती
मुंबई महानगरपालिका की ओर से ठाणे, भिवंडी-निजामपुर (thane, Bhiwandi-Nizampur) और आसपास के क्षेत्रों को भी पानी की आपूर्ति की जाती है। इसलिए इन क्षेत्रों में भी 15 मई से 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू होगी। प्रशासन ने कहा है कि पर्याप्त बारिश होने और जलाशयों में जलस्तर सुधरने तक यह कटौती जारी रहेगी।
व्यावसायिक और आवासीय परिसरों के लिए दिशा-निर्देश
मुंबई नगर निगम ने निर्देश दिया है कि हाउसिंग सोसायटियां अपनी छतों पर लगी टंकियों के ‘ओवरफ्लो’ को रोकें और पाइपलाइन में किसी भी रिसाव (लीकेज) को तुरंत ठीक कराएं। वाहनों को पाइप से धोने के बजाय गीले कपड़े से पोंछना बेहतर है। होटलों और रेस्टोरेंट्स को भी सलाह दी गई है कि वे ग्राहकों को केवल आवश्यकता होने पर ही पानी परोसें और नलों में ‘वॉटर सेविंग नोजल’ का उपयोग करें।
घबराने की जरूरत नहीं: बीएमसी
बीएमसी ने साफ किया है कि नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। नगर निगम का दावा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जल भंडार की व्यवस्था की जाएगी, ताकि शहर में पानी की किल्लत न हो। फिलहाल यह निर्णय पूरी तरह एहतियाती माना जा रहा है। बीएमसी ने मुंबईकरों से पानी का बेहद समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि पानी की बचत अभी से शुरू की जाती है, तो आने वाले दिनों में बड़े संकट से बचा जा सकता है। अनावश्यक पानी खर्च करने से बचने और जल संरक्षण पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।


