मुंबई : सांस्कृतिक कार्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने आज यहां ठाणे में अपने उदबोधन में कहा कि राज्य सरकार आचार्य श्री महाश्रमणजी और अणुव्रत विश्वभारती सोसायटी द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त समाज बनाने के अभियान में सरकार सतत सहयोग प्रदान करेगी । राज्य के सांस्कृतिक मंत्री आज अणुव्रत विश्वभारती सोसायटी की ओर से ठाणे में आयोजित ‘जीवन को हां कहें, नशे को ना’ राष्ट्रीय नशामुक्ति परिषद में संबोधित रहे थे।
इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमणजी, डाॅ. गौतम भंसाली, मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे, एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड के संजय कुमार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सचिन जैन, डॉ. एसवी खानिलकर, लेखक, निर्देशक मनोज मुंतशिर, जीतो के संस्थापक अध्यक्ष शांतिलाल कवाड, सीजी डांगी, विभिन्न गणमान्य व्यक्ति, एनसीसी और एनएसएस के छात्र, पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे। इस मौके पर मुनगंटीवार ने कहा कि भारत एक सुसंस्कृत देश है, इस देश में सेवा और त्याग की पूजा की जाती है. हमारे देश में जो हमारा दिल जीत ले वही शहंशाह बन जाता है. लेकिन आज नशे की लत ने एक अलग ही स्थिति पैदा कर दी है. इस स्थिति को बदलने के लिए नशा विरोधी अभियान चलाना जरूरी है. इस कार्य के लिए राज्य सरकार हमें हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने बताया कि नशामुक्ति की शुरुआत मेरे जिले से हुई.2014 को चंद्रपुर जिले में शराब पर प्रतिबंध लगाया गया था। जो लत आपकी मां की आंखों में आंसू ला दे वो सिर्फ आंसू नहीं, बल्कि आपको सुधारने का एक तरीका है,उन्होंने कहा कि नशा देश भक्ति का होना चाहिए ।


