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Mumbai/Pune : पुणे जहरीली शराब कांड


Mumbai/Pune: Pune Toxic Liquor Tragedy

मुंबई/पुणे : (Mumbai/Pune) पुणे जिले (Pune district) में हुए कथित जहरीली देशी शराब कांड में प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। सोमवार को पुणे ग्रामीण पुलिस (Pune Rural Police) ने चार और पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले भी कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मामले की जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) (Criminal Investigation Department) द्वारा की जा रही है।
18 लोगों की जा चुकी है जान जहरीली शराब पीने से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य प्रभावित लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। घटना के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठे हैं, जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल (Sandeep Singh Gill) ने अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दौंड उपविभागीय पुलिस कार्यालय के कर्मचारी सुभाष दोईफोडे, उरुली कंचन पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल अजीत शिवाजी काले, यवत पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल सुमित नंदकुमार वाघ तथा रामदास ज्ञानदेव जगताप शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामले का मुख्य आरोपी राधेश्याम प्रजापति (Radheshyam Prajapati) उरुली कंचन क्षेत्र का निवासी है। जांच के दौरान इन चारों पुलिसकर्मियों के आरोपी से संपर्क होने की जानकारी मिली है, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। बारामती संभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों का आचरण पुलिस विभाग की अनुशासन व्यवस्था के लिए हानिकारक और अत्यंत संदिग्ध प्रतीत होता है। इसी आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई।

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