Mumbai : मानसून की देरी से मुंबई में बढ़ी उमस

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Mumbai: Humidity rises in Mumbai due to monsoon delay

मुंबई : (Mumbai) मुंबई में मानसून की दस्तक में हो रही देरी के कारण गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान विभाग (Meteorological Department) के अनुसार शुक्रवार को शहर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन अधिक नमी के कारण लोगों को 40 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस हुई।

71 प्रतिशत आर्द्रता ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 71 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी वजह से वातावरण में चिपचिपाहट और उमस अधिक महसूस की गई। दिन में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

हल्की बारिश की सीमित संभावना
मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। हालांकि इसकी संभावना केवल 41 प्रतिशत बताई गई है। विभाग का कहना है कि 15 जून से पहले लगातार और व्यापक मानसूनी बारिश होने की संभावना फिलहाल कम है।

पिछले वर्ष से बिल्कुल अलग स्थिति
इस वर्ष मानसून की चाल पिछले साल के मुकाबले काफी धीमी है। वर्ष 2025 में मुंबई में 26 मई को ही मानसून ने दस्तक दे दी थी, जो रिकॉर्ड रूप से जल्दी आगमन माना गया था। इसके विपरीत इस बार जून के मध्य तक भी शहर को मानसूनी बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है।

कोंकण क्षेत्र में रुका मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) केरल पहुंचने के बाद कोंकण क्षेत्र में ठहर गया है। जब तक मानसून आगे नहीं बढ़ता, तब तक मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में केवल छिटपुट प्री-मानसून बारिश की संभावना बनी रहेगी।

15 जून के आसपास मिल सकती है राहत
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि मुंबई में मानसून 15 जून के आसपास पहुंच सकता है। इसमें एक-दो दिन का अंतर संभव है। अरब सागर में गोवा तट (Arabian Sea near the Goa coas) के पास विकसित हो रहे निम्न स्तर के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 14 से 16 जून के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वायु गुणवत्ता संतोषजनक
गर्मी और उमस के बीच राहत की बात यह है कि मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) 61 दर्ज किया गया है, जो सामान्य श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सक्रिय होने के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।