
मुंबई : विश्व रेबीज दिवस हर साल 28 सितंबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में आवारा कुत्तों के लिए रेबीज निवारक टीकाकरण अभियान आयोजित किया जाएगा। मनपा आयुक्त डॉ. इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) आशीष शर्मा एवं उपायुक्त (विशेष) संजोग कबरे के मार्गदर्शन में लगभग 5000 आवारा कुत्तों को रेबीज का टीका लगाया जाएगा। साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में काम कर रहे विभिन्न पशु प्रेमी संगठनों का सहयोग इस उद्देश्य के लिए लिया जाएगा। यह जानकारी देवनार पशु वधगृह के महाप्रबंधक और पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के डॉ. कलिमपाशा पठान ने दी है।
28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर अधिक जानकारी देते हुए डॉ. पठान ने कहा कि रेबीज एक संक्रामक रोग है जो कुत्तों और बिल्लियों जैसे संक्रमित जानवरों के काटने या खरोंचने के बाद होता है। रेबीज का संक्रमण तब हो सकता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार पीड़ित की त्वचा या घाव के सीधे संपर्क में आती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हमारे देश में हर साल लगभग डेढ़ करोड़ (15 मिलियन) लोगों को जानवर काटते हैं। हर साल इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 25 से 30 हजार के बीच होती है। 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में कुत्ते शामिल हैं, जिनमें आवारा कुत्तों की संख्या अधिक है। इस बीमारी की व्यापकता 1.7 प्रतिशत होने का अनुमान है। देश में हर 30 मिनट में एक रेबीज से संक्रमित मौत की खबर आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है और इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम और अभियान भी आयोजित किए जाते हैं। टीकाकरण अभियान 9 अक्टूबर 2022 तक लागू करने की योजना है। इस अभियान में 20 पशु चिकित्सक भी भाग लेंगे।


