मुंबई : (Mumbai) गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर (Minister of State for Home Pankaj Bhoyar) ने सोमवार को विधान परिषद में कहा कि महाराष्ट्र विधानमंडल (Legislative Council) के शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक लाया जाएगा और उसे कानूनी दर्जा दिया जाएगा। महाराष्ट्र ऐसा कानून बनाने वाला 11वां राज्य होगा।
पंकज भोयर ने कहा कि सरकार ने पुलिस महानिदेशक से एक रिपोर्ट मांगी थी, जो दे दी गई है। सरकार राज्य विधानमंडल के अगले शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पेश करेगी। भाजपा विधायक और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधान परिषद में कहा कि विदेशी धन से निर्मित चर्चों की वजह से आदिवासी जिलों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण किया जा रहा है। साथ ही लव जिहाद के नाम पर हिंदू युवतियों को मुस्लिम बनाया जा रहा है। इससे राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून न होने से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण किया जा रहा है।
बावनकुले ने सभागृह में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने के साथ अगले छह महीनों में, खासकर आदिवासी जिलों में, अनधिकृत चर्चों को ध्वस्त करने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने से धर्मांतरित आदिवासियों को रोकने के लिए एक तंत्र की मांग की।
विधायक अनूप अग्रवाल MLA Anoop Agrawal) ने कहा कि पालघर और नंदुरबार जैसे आदिवासी जिलों में अवैध चर्चों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 2,000 की आबादी वाले गांवों में आधा दर्जन चर्च हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि धर्मांतरण धमकी और चिकित्सा सहायता के लालच के माध्यम से किया जाता है।


