
मुंबई : (Mumbai) मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत (CBI court in Mumbai) ने शनिवार को महाराष्ट्र के बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले (Pawanraje Nimbalkar murder case) में सबूतों के अभाव के चलते पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल सहित सभी नौ आरोपितों को निर्दोष घोषित कर दिया है। इस फैसले पर पवन राजे निंबालकर के बेटे और सांसद ओम राजे निंबालकर (Pawanraje Nimbalkar’s son and MP Om Raje Nimbalkar) ने कहा कि वे इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। वे इस फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
विशेष सीबीआई अदालत के जज सत्यनारायण नावंदर (Special CBI court judge Satyanarayan Navandar) ने आज बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी हत्या मामले का न्याय सुनाना शुरु किया। इस दाैरान सभी नौ आरोपित अदालत में उपस्थित थे। अदालत ने इस मामले में माफी के साक्षीदार पारसमल जैन की गवाही पर आक्षेप दर्ज किया। अदालत ने कहा कि जिसके पास साढ़े चार किलोग्राम सोना हो और कई दुकानें हो वह सिर्फ ५० हजार रुपये के माफी का साक्षीदार बनेगा, यह कहीं से ठीक नहीं लगता है। साथ ही माफी के साक्षीदार की गवाही कई जगह सटीक नहीं लग रही है।
जज ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह सिर्फ एक कहानी गढ़ रहा है। माफी के साक्षीदार को किसी अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था और उसकी दवा भी जांच दल ने बंद कर दी थी, इससे भी माफी के साक्षीदार की गवाही ग्राह्य नहीं की जा सकती है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में माफी के साक्षीदार पारसमल जैन, मुख्य आरोपित पद्मसिंह पाटिल सहित सभी आरोपितों को निर्दोष करार दिया।
इस फैसले के बाद सांसद ओम राजे निंबालकर (MP Om Raje Nimbalkar) ने कहा कि कलयुग है, बस इतना ही। इस हत्याकांड की जांच पहले मुंबई पुलिस ने की थी। इसके बाद मामले की जांच सीआईडी ने की थी। लेकिन इस मामले में जांच सही दिशा में नहीं की जा रही थी, इसी वजह से वे खुद उच्च न्यायालय में गए थे और इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौपी गई थी। इस वजह से अब आज के निर्णय को लेकर वे फिर से उच्च अदालत में जाएंगे और वहां अपना पक्ष फिर से रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर के पिता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काज़ी की 3 जून 2006 को नवीमुंबई के कलंबोली के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में उस समय के गृहमंत्री डॉ. पद्मसिंह पाटिल (Home Minister, Dr. Padmasingh Patil) समेत 9 लोगों पर इस हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप था। इस मामले में पद्मसिंह पाटिल को 2009 में गिरफ्तार किया गया था, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। साथ ही इस मामले के सभी आरोपित जमानत पर थे। आज इन सभी आरोपितों को सीबीआई की अदालत ने निर्दोष करार दिया है।




