मुंबई : (Mumbai) कहा जाता है कि आदमी सोच ले तो पहाड़ में भी रास्ता बना सकता है।उत्तन समुद्र तट पर फैला हुआ हजारों किलोग्राम कचरे के ढेर किसी पर्वत की चुनौती से कम नहीं थी ।लेकिन अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफ़ाई दिवस (International Coastal Cleanup Day) (ICCD) के अवसर पर, मैंग्रोव फ़ाउंडेशन, फ़ॉर फ़्यूचर इंडिया और मीरा भाईंदर नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक विशाल समुद्र तट सफ़ाई अभियान में उत्तन समुद्र तट को स्वच्छ और सुंदर बनाया गया। शनिवार सुबह, संस्था के छात्र स्वयंसेवकों युवाओं और पर्यावरणविदों ने मिलकर लगभग सात टन कचरा हटाकर समुद्र तट की सफ़ाई कर एक मिसाल पेश की है।
इस अभियान में, चार हज़ार से ज़्यादा स्वयंसेवक समुद्र तट पर एकत्रित हुए और प्लास्टिक, बोतलें, डिब्बे, पुराने कपड़े, खाने की पैकेजिंग और अन्य घरेलू हवा में उड़ने वाला कचरा इकट्ठा किया। इन प्रयासों से समुद्र तट से सात टन से ज़्यादा कचरा हटाया गया, जिससे पर्यावरण और समुद्री जीवन को काफ़ी राहत मिली। स्थानीय निवासियों ने इस पहल को बड़ी सौगात बतलाते हुए कहा कि युवाओं की यह सकारात्मक सोच है उन्होंने अपनी ऊर्जा को सराहनीय कार्य में उपयोग किया है,यह तारीफे काबिल है।
मैंग्रोव फ़ाउंडेशन (Mangrove Foundation) के अधिकारियों ने कहा, “समुद्र तटों को साफ़ रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। अगर हम नियमित रूप से ऐसे अभियानों में भाग लेते हैं, तो हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और प्रकृति-अनुकूल वातावरण बनाए रख सकते हैं।”
इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, छात्रों, पर्यावरणविदों और स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कई लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए। स्वयंसेवकों के भावनात्मक और उत्साहपूर्ण योगदान ने इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।
ठाणे के कंदलवन वन विभाग अधिकारी मनीष पवार (Manish Pawar) ने बताया कि समुद्र तट पर प्लास्टिक और कचरा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। हालाँकि, इस सराहनीय सफाई अभियान ने हमें समुद्र तट की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है और भविष्य में भी ऐसे अभियानों के लिए नागरिकों में जागरूकता पैदा करेगा।


