spot_img

Motivational story : मोहम्मद का दर्द

हजरत मोहम्मद एक दिन अपनी बेटी फातिमा से मिलने उसके घर गए। वहां जाकर देखा कि बेटी ने हाथों में चांदी के मोटे-मोटे कंगन पहने हैं। दरवाजों पर रेशमी परदे लहरा रहे हैं। वे बिना कुछ बोले उल्टे पांव वापस चले आए और मस्जिद में जाकर पश्चात्ताप करने लगे।

फातिमा की समझ में कुछ न आया। उसने अपने लड़के को दौड़ाया देखकर आवे कि नाना घर आकर एकाएक वापस क्यों चले गए

लड़के ने जाकर देखा कि नाना मस्जिद में बैठकर विलाप कर रहे हैं। उसने उनसे कारण पूछा तो वे बोले, “यहां गरीब भूख से परेशान है और मेरी बेटी रेशमी परदों के बीच चांदी के कड़े पहने मौज कर रही है। यही देखकर मुझे शर्म आई और मैं चला आया।”

बच्चे ने घर जाकर अपनी माता से सारा हाल सुनाया। फातिमा ने रेशमी परदों में उन चांदी के कड़ों को बांधकर अपने पिता के पास भिजवा दिया। तब मोहम्मद साहब ने उन्हें बेचकर गरीबों को रोटी बांटी और फिर बेटी के पास आकर बोले, “अब तू मेरी सच्ची बेटी हुई। ”

Kathmandu : काठमांडू सहित नेपाल का अधिकांश हिस्सा वायु प्रदूषण की चपेट में

काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल के विभिन्न हिस्सों में वायु प्रदूषण के स्तर (Air pollution levels) में हाल के दिनों में वृद्धि दर्ज की गई...

Explore our articles