मंडी : बीते पचीस घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मंडी जिला में भारी तबाही हुई है। जिला की प्रमुख नदियों ब्यास और उहल का जल स्तर बढऩे से भारी तबाही हुई है। ब्यास नदी में आई बाढ़ से एक समय में मंडी से कुल्लू को जोडऩे वाला सौ साल पुराना लाल पुल भारी बाढ़ की चपेट में आने से बह गया। इसके अलावा ब्यास के रौद्र रूप धारने से दवाडा और औट पुल भी बह गए हैं।
इधर, थाना औट के कंपाउंड में इंपाउंड करके रखी गई गाडिय़ां भी गिर कर दरिया में बह रही हैं। एएसपी मंडी सागर चंद ने बताया कि मंडी से कुल्लू जाने वाले सभी रास्ते बंद होने के कारण सुबह से ही गाडिय़ों को मंडी सुंदरनगर तथा बल्ह क्षेत्र में रोका गया है । अभी स्थिति यह है कि मंडी से पंडोह के बीच एनएच खुलने की कोई संभावना नहीं है।
इसके अलावा हनोगी तथा औट के बीच में भी फोरलेन बंद हो चुका है। जिसकी भी आज खुलने की कोई संभावना नहीं है यदि कल मौसम ठीक हुआ तो सुबह काम शुरू करके दिन 2.00 बजे तक एनएच को खोले जाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि मंडी, बल्ह तथा सुंदरनगर में जितनी भी टूरिस्टों की वोल्वो बसें तथा गाडिय़ां खड़ी हैं , उन तक पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम / लाउड स्पीकर से यह संदेश पहुंचाया जा रहा ह कि वे आज रात अपना रहने का बंदोबस्त सुंदरनगर ,बल्ह तथा मंडी के होटलों में कर लें। उन्हें यह बता दिया जा रहा है कि कल दोपहर के बाद ही एनएच खुलने की संभावना है।
इधर, मंडी के ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पानी पुल को टच कर गया है यदि जलस्तर और बढ़ा तो पानी पुल के ऊपर आ जाएगा। जिससे पुराना पुल है टूट सकता है । उन्होंने मंडी सदर थाना को सूचित किया है कि जो लोग इस पर खड़े होकर वीडियो बना रहे हैं, इन लोगों को इस पर खड़े न होने दिया जाए। वहीं पर पुलिस को हिदायत दी है सुंदरनगर तथा बल्ह क्षेत्र से कुल्लू की तरफ जाने वाली किसी भी गाड़ी को बाया चैलचौक पंडोह की तरफ न भेजा जाए। क्योंकि हनोगी से आगे फोरलेन बंद हो चुका है जिसकी अभी खुलने की कोई संभावना नहीं है, उल्टा ये लोग गोहर तथा पंडोंह के बीच जहां की तंग रोड़ है तथा कई जगह स्लाइड हो चुका है वहां फंसे रहेंगे।



