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Kolkata : ममता सरकार के बर्ताव पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताई नाराजगी

Kolkata: President Murmu expresses displeasure over Mamata Banerjee government's behavior

कोलकाता : (Kolkata) उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी जताई।

उन्होंने मंच से संबोधन के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से राज्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सम्मेलन के आयोजन में कई तरह की बाधाएं पैदा की गईं, जिससे आयोजकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे (Bagdogra Airport) पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सीधे गोसाईपुर स्थित कार्यक्रम स्थल गईं और इसके बाद विधाननगर में आयोजित मुख्य सम्मेलन में हिस्सा लिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विधाननगर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर प्रारंभ में यहां सम्मेलन की अनुमति नहीं दी गई। इस वजह से आयोजकों को कार्यक्रम स्थल चार बार बदलना पड़ा, जो कि किसी भी बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन के लिए उचित स्थिति नहीं मानी जा सकती।

राष्ट्रपति ने भावुक अंदाज में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उन्हें अपनी बहन की तरह मानती हैं और स्वयं को भी बंगाल की बेटी मानती हैं। इसके बावजूद यदि इस प्रकार की प्रशासनिक बाधाएं खड़ी होती हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, क्योंकि ये आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और परंपराओं को सशक्त करने का मंच प्रदान करते हैं।

इस बीच सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर हल्की नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने देखा कि संताल समुदाय के कई लोग सम्मेलन कक्ष के बाहर घूम रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उन्हें अंदर आने से रोका जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में संताल समुदाय के सभी लोगों की खुली भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

अपने संबोधन में उन्होंने संताल समुदाय की वीरता की परंपरा का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि लगभग 240 वर्ष पहले उनके पूर्वज तिलका मांझी ने अत्याचार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था।

राष्ट्रपति ने कहा कि संताल समुदाय (Santhal community) के लोग अन्याय को स्वीकार नहीं करते और अत्याचार के खिलाफ डटकर संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि संताल बहादुर लोगों का समुदाय है और उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व होना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रोटोकॉल के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार देश के राष्ट्रपति के आगमन पर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार के किसी वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी अपेक्षित होती है। लेकिन बागडोगरा हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या कोई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित नहीं था। वहां केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव मौजूद थे।

राष्ट्रपति के इस बयान के बाद राज्य सरकार की व्यवस्था और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि सम्मेलन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पहुंचे और राष्ट्रपति की मौजूदगी को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा गया।

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