
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal government) ने सोमवार से राज्यभर में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा लागू कर दी । सरकार की घोषणा के अनुसार अब महिला यात्रियों को सरकारी बसों में सफर के लिए कोई किराया नहीं देना होगा। बस में चढ़ने पर उन्हें “शून्य किराया” (zero-fare) का टिकट जारी किया जा रहा है। यह सुविधा राज्य के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध है और सामान्य मार्गों के साथ-साथ लंबी दूरी की बसों में भी लागू की गई है।
योजना का लाभ लेने के लिए महिला यात्रियों को पहचान संबंधी दस्तावेज दिखाने होंगे। परिवहन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राज्य अथवा केंद्र सरकार का कर्मचारी पहचान पत्र, स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय का पहचान पत्र सहित सरकार द्वारा जारी अन्य वैध पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मुफ्त टिकट प्राप्त किया जा सकता है।
सोमवार सुबह से राज्य परिवहन निगम (State Transport Corporation) और अन्य सरकारी बसों में इस संबंध में सूचना पत्रक लगाए गए हैं। बस परिचालकों और चालकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे महिला यात्रियों को शून्य किराया टिकट जारी करने की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन कर सकें।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने कहा है कि फिलहाल महिलाओं को बस में चढ़ते ही मुफ्त टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य में योजना का दुरुपयोग रोकने के लिए महिला यात्रियों के लिए विशेष पहचान कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल इस विशेष कार्ड को लागू करने की समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।
सफर कर रही महिला यात्रियों में उत्साह देखा गया। कई महिलाओं ने कहा कि रोजाना कामकाज और नौकरी के लिए बस से यात्रा करनी पड़ती है, ऐसे में किराये की बचत से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने एक्स पर भी इस योजना की शुरुआत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक प्रगति, आत्मनिर्भरता और अधिकारों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा चुनावी वादे के अनुरूप महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा लागू कर दी गई है।


