आयोग और राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग
कोलकाता:(Kolkata) पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य भर में नामांकन से लेकर अन्य राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हो रहे हमलों को लेकर प्रगतिशील राष्ट्रवादी पत्रकार संघ (पीआरपीएस) ने चिंता जाहिर की है। राज्य के दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया और अन्य जिलों में नामांकन के दौरान हुई हिंसा का कवरेज कर रहे फोटो जर्नलिस्ट और संवाददाताओं पर हमलों के वीडियो फुटेज सामने आए हैं। खासतौर पर सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने पुलिस के सामने ही मीडियाकर्मियों पर हमले किए हैं। इसे लेकर राष्ट्रवादी पत्रकार संघ की ओर से राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा और राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस को पत्र दिया गया है। इसके साथ ही संगठन ने इस बात की घोषणा की है कि हमले की घटनाओं में घायल हुए पत्रकारों को दो-दो हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर कानूनी मदद भी मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाएगा।
पीआरपीएस के महासचिव नरेश श्रीवास्तव ने हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में कहा, “पत्रकारों पर हमले का मतलब होता है लोकतंत्र पर हमला। पश्चिम बंगाल में यह कोई नई बात नहीं है। राज्य प्रशासन मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह से विफल रहा है। यहां हर बार चुनाव में पत्रकार लहूलुहान होते हैं और विडंबना है कि राज्य की मुखिया ममता बनर्जी प्रेस की स्वतंत्रता और मीडिया कर्मियों के पक्ष में झूठी एकजुटता वाला बयान देती हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य भर में हो रही हिंसा की घटनाओं का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों और छायाकारों पर लगातार हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इसका वीडियो हर कोई देख रहा है लेकिन मुख्यमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। एक हमले के बाद दूसरा हमला और तीसरा हमला लगातार हो रहा है जिसका मतलब है कि राज्य प्रशासन इस मामले में बिल्कुल निष्क्रिय बना हुआ है।
इसलिए हम लोगों ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा और राज्यपाल डॉ सी भी आनंद बोस को पत्र लिखा है। इसमें हमने तत्काल दोनों ही अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन की ओर से कहा गया है कि राज्य चुनाव आयोग और राज्यपाल सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें कि पत्रकारों की सुरक्षा खासतौर पर सुनिश्चित की जाए। जहां भी पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं वहां हमलावरों की तत्काल शिनाख्त कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो पीआरपीएस की ओर से सैकड़ों पत्रकार कोलकाता में सड़कों पर उतर कर विरोध जताएंगे। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलकर भी विरोध जाहिर किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि हमले की घटनाओं में जो भी पत्रकार घायल हैं उन्हें दो-दो हजार रुपये की वित्तीय मदद संगठन की ओर दी जाएगी। इसको साथ ही उन्हें मुफ्त कानूनी मदद भी उपलब्ध करवाया जाएगा


