
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल विधानसभा (State Criminal Investigation Department) में हस्ताक्षर जालसाजी के आरोपों से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में राज्य अपराध जांच विभाग की एक टीम शनिवार सुबह बालीगंज से तृणमूल कांग्रेस विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय के भवानीपुर स्थित आवास पहुंची। अधिकारियों ने उनसे एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की और इसके बाद वहां से चले गए।
शोभनदेव चट्टोपाध्याय (Sovandev Chattopadhyay) ने कहा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने हस्ताक्षर जालसाजी की शिकायत की है, उनसे भी पूछताछ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के समय सभी संबंधित लोग मौजूद थे, इसलिए शिकायतकर्ताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेता के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नाम का प्रस्ताव पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने किया था। पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस (Assembly Speaker Rathindra Bose) को एक पत्र दिया गया था, जिसमें संसदीय दल के नेता के रूप में शोभनदेब के नाम का प्रस्ताव था। उस पत्र पर पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी (party General Secretary Abhishek Banerjee) के हस्ताक्षर बताए गए थे।
हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने पत्र स्वीकार नहीं किया था और उसमें हस्ताक्षर जालसाजी का आरोप सामने आया। इसके बाद हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। उलूबेड़िया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और एंटाली के विधायक संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष से हस्ताक्षर जालसाजी की शिकायत की थी। बाद में तृणमूल कांग्रेस ने दोनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
इसके बाद ऋतब्रत बंद्योपाध्याय (Ritabrata Bandyopadhyay) ने 59 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र दिया और उन्हें विपक्ष का नेता घोषित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष के इस निर्णय को चुनौती देते हुए शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। एकल पीठ ने इस निर्णय पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शोभनदेव ने खंडपीठ में अपील दायर की है, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी है। जांच एजेंसी इससे पहले अभिषेक बनर्जी से कई बार भवानी भवन स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ कर चुकी है। सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्तलेख के नमूने भी लिए हैं। कई विधायकों के घर अधिकारी पहुंचे हैं, जबकि कुछ को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
शुक्रवार को सीआईडी अधिकारी तृणमूल विधायक कल्याण बंद्योपाध्याय (Trinamool MLA Kalyan Bandyopadhyay) को नोटिस देने उनके आवास भी पहुंचे थे। उस समय वह दिल्ली में थे और उनके परिवार के किसी सदस्य ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की टीम शनिवार को फिर उनके आवास जा सकती है।





