कोलकाता : शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि कई लोगों ने बिना नियुक्ति पत्र के ही नौकरी ज्वाइन कर ली। सीबीआई की ओर से यह जानकारी कोर्ट में दिए जाने के बाद न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अद्भुत बात है कि 67 लोगों को बिना नियुक्ति पत्र नौकरी दी गई।
स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ने कोर्ट को बताया कि 2020 में नौवीं-दसवीं की नौकरियों के लिए 186 अनुशंसा पत्र मध्य शिक्षा परिषद को भेजे गए थे। लेकिन बोर्ड ने कहा कि एसएससी की सूचना गलत है। बोर्ड को 186 नहीं सिर्फ 175 अनुशंसा पत्र भेजे गए हैं। इसके अलावा बोर्ड में 52 अनुशंसा पत्रों का कोई दस्तावेज (हार्ड कॉपी) नहीं है। 67 लोगों ने नियुक्ति पत्र नहीं लिया है, जो बोर्ड कार्यालय में पड़ा हुआ है।


