जींद : उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं। शिक्षा ही आधुनिक समाज में आर्थिक और सामाजिक रूप से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए उपकरण प्रदान करती है, शिक्षा व्यक्ति के पूरे जीवन को बदलने की ताकत रखती है। वे रविवार को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्यअतिथि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा, सीआरएस विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रणपाल सिंह, जिला परिषद के चेयरपर्सन के प्रतिनिधि कुलदीप रंधावा समेत जजपा के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाज अलग-अलग तरह के लोगों से मिलकर बनता है और हर किसी की मानसिकता भी काफी अलग-अलग होती है। एक शिक्षित व्यक्ति बेहतर तरीके से सही मार्ग का मार्गदर्शन कर सकता है, वह विभिन्न प्रकार के विचारों के साथ आ सकता है जो राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक समानता या पर्यावरणीय स्थिरता से संबंधित हो सकते हैं। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ज्ञान की शक्ति व्यक्ति को सही रास्ते पर चलने, सही निर्णय लेने में मदद कर सकती है। उन्होंने स्कूल की संस्था को आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही सांस्कृतिक कार्य के लिए नवोदय स्कूल का सीआरएसयू या किसी अन्य विश्वविद्यालय से एमओयू करवाया जाएगा। जिससे स्कूल के बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में और निखार आ सके। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के आवासों को वातानुकूल बनाने के लिए आवश्यकता अनुसार एसी उपलब्ध करवाए दिए जाएंगे। ।
उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल के प्रांगण में पौधा रोपण भी किया। उपमुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे छात्रों को पारितोषिक वितरण भी किए। वार्षिकोत्सव में स्कूल प्रधानाचार्य धनीराम शर्मा ने उपमुख्यमंत्री का स्कूल में पंहुचने पर स्वागत किया और स्कूल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस स्कूल को बने हुए लगभग 31 वर्ष हो चुके हैं, यहां से पूर्व छात्रों में कई हरियाणा सिविल सर्विस व बड़ी-बड़ी पदों पर आसीन हैं, इसके अलावा यूएसए जैसे देशों में भी अपना करियर बनाए हुए हैं। स्कूल में विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अपनी पहचान बनाए हुए है। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र, विद्यार्थियों के अभिभावक व आस पास के गांव के सरंपच व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


