थाने से महज पांच सौ मीटर दूर धरने पर बैठी महिला,पुलिस बनी मूकदर्शक
पीड़िता तीन दिनों से बैठी है प्रेमी के घर,घरवालों से प्रेमी को बुलाने पर अड़ी
जौनपुर : चंदवक थाना अंतर्गत एक गांव में बीते सोमवार से प्रेमी के घर अपने दो बच्चों के साथ धरने पर बैठी महिला न्याय की गुहार लगा रही है। प्रशासन महिला को न्याय दिलाने की बजाय मूकदर्शक बनी हुई है।बुधवार को पीड़िता का हाल जानने के लिए पहुंचे पत्रकारों से पीड़िता ने बताया कि हमारी शादी कोइलारी अंतर्गत एक गांव में हुई थी। हमारा परिवार ठीक-ठाक चल रहा था। हम दोनों लोग दिल्ली में रह रहे थे। इसी दौरान मेरे फोन पर अज्ञात फोन आया। बात होने लगी उसने अपना अमुक (परिवर्तित नाम) बताया । उसके बाद मेरे पति और मुझसे बात होने लगी। बातों- बातों में उसने हम लोगों को दिल्ली से यह कहकर बुलाया कि सूरत आ जाओ, हम अच्छी नौकरी दिला देंगे। हम दोनों अपने बच्चे के साथ सूरत आकर एक साथ रहने लगे। एक दिन मेरे पति काम करने के लिए बाहर चले गए थे। इसी दौरान उसने शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर हमारे साथ दुष्कर्म किया। इसी बीच मेरे पति आ गए। हम दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखकर आग बबूला हो गए। दोनों लोगों में बहस होने लगी, तभी अमुक बोला कि मैं शादी करूंगा और दोनों बच्चो को अपना नाम दूंगा। इसके बाद मेरे पति मुझे छोड़कर दिल्ली चले गए । पति के जाने के बाद हम दोनों सूरत में रहने लगे। कुछ माह रहने के बाद आरोपी मुझे मेरे मायका लेकर आया और तीन दिन साथ रह कर अपने घर चला गया।एक महीना रहने के बाद मोबाइल बंद कर मुंबई फरार हो गया। लगातार मोबाइल बंद रहने के बाद गत 11अक्तूबर को चंदवक थाना पहुंचकर पत्रक सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। न्याय नहीं मिलते देख मैं आरोपी के घर अपने दो बच्चों के साथ पहुंची तो घर वाले यह कहकर रखने से इनकार कर रहे हैं कि युवक से हम लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। रही बात जमीन जायजाद की तो पिता के नाम से 12 फुट जमीन है, उसमें से तीन फुट की हिस्सेदार हो, लेकर रह सकती हो, मगर तुम्हारा खर्च कैसे चलेगा, इसके जिम्मेदार हम लोग नहीं होंगे। अपने दो बच्चों के साथ पीड़िता लगातार तीन दिनों से न्याय के लिए दर दर भटक रही हैं जिसे लेकर पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।


