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Jaipur : विधानसभा में फिर हंगामा, कार्यवाही दो बार स्थगित

जयपुर: (Jaipur) भाजपा सदस्य मदन दिलावर के निलंबन और लाल डायरी का मुद्दा बुधवार को फिर विधानसभा में गूंजा। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सदस्यों ने हंगामा किया और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच दो बार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सदन की कार्यवाही आधे-आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। पहली बार 12 बजकर 09 मिनट पर और दूसरी बार 01 बजकर 02 मिनट पर सदन की कार्यवाही को आधे-आधे घंटे के लिए स्थगित किया गया।

हंगामे की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। आज प्रश्नकाल शुरू होती ही नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भाजपा सदस्य मदन दिलावर के निलंबन का मुद्दा उठाया। भाजपा सदस्य हो-हल्ला करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल में व्यवधान नहीं डालने की बात कहते हुए शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात कहने की व्यवस्था दी। शून्यकाल की शुरुआत में स्थगन प्रस्ताव से मामला उठाने के दौरान लाल डायरी का जिक्र करने पर हुई। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भाजपा सदस्य मदन दिलावर के निलंबन को वापस लेने की मांग करते हुए लाल डायरी से उठ रहे सवालों का जिक्र किया और लाल डायरी छीनने का आरोप लगाया तो हंगामा हो गया। जलदाय मंत्री महेश जोशी, संसदीय कार्य मंत्री संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और सदस्य गोविंद सिंह डोटासरा ने राठौड़ के मामला उठाते ही कड़ी आपत्ति की। राठौड़ ने कहा कि आज भी कुछ अनुत्तरित सवाल आ जाते हैं और उसमें सदन की गरिमा का सवाल भी उठ जाता है। सत्ता पक्ष की गरिमा का सवाल भी उठ जाता है। सत्ता पक्ष का सदस्य लाल डायरी टेबल करना चाहता है और उसे छीनकर कर ले जाया जाता है, यह भी उचित नहीं है।

इस पर आपत्ति जताते हुए जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कहा कि यह झूठ बोलने की हाइट है। यह ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बन गई भाजपा के झूठ बोलने की, कौन सी लाल डायरी थी और किसने छीना ? यह गलत बात है। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि टेबल करने के भी प्रोसेस तय हैं। धारीवाल ने अपनी टेबल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि टेबल यहां होती है, या वहां होती है? टेबल कहां किया जाता है। भाजपा गलत रोल प्ले कर रही है। इसमें शुरू से ही मिलीभगत की बू आ रही है।

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि 21 जुलाई को जब मणिपुर की घटना को लेकर हम एनसीआरबी के आंकड़ों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांग रहे थे। उसी समय तत्कालीन मंत्री उठे और उन्होंने आज की स्थिति में महिला दुष्कर्म में राजस्थान की सरकार पर लानत देते हुए कहा कि हालत ठीक नहीं है। आपने उनको बर्खास्त किया यह आपका मामला है।

इस पर आपत्ति करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इस बात की कोई प्रासंगिकता नहीं है। इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने सदन की परंपरा का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष को बोलते समय टोकने पर आपत्ति जताई, इसके बाद डोटासरा शांत हुए। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री किसको रखेंगे, यह उनका विवेकाधिकार है। गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त किया गया। उस दिन सदन में उत्तेजना का वातावरण बना। बर्खास्त गृह राज्यमंत्री ने जब लाल डायरी सदन में टेबल करनी चाही तो सदन में उत्तेजना का वातावरण बना। सत्तापक्ष के दोनों गुटों में जिस तरह का झगड़ा हुआ उसमें रामगंज मंडी से आने वाले विधायक मदन दिलावर वेल में आए थे, यह मैं स्वीकार करता हूं, लेकिन उनका ऐसा कोई कृत्य नहीं था कि उन्हें निलंबित किया जाता। अचानक प्रस्ताव लाकर उन्हें पूरे समय के लिए निलंबित किया जाता है। मदन दिलावर का निलंबन खत्म किया जाए। आप दिलावर के उस दिन के फोटो देख लीजिए, उनका ऐसा कोई कृत्य नहीं है जिनको उनको निलंबित किया जाए। 15वीं विधानसभा का आखिरी सत्र है और इसका हम गरिमा पूर्ण समापन करना चाहते हैं। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है कि गुजरात मध्य प्रदेश में दुष्कर्म के मामले राजस्थान से ज्यादा है तो महिला दुष्कर्म पर सदन में एक चर्चा हो जाए। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हंगामा जारी रहा तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 12 बजकर 09 मिनट पर आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

आधे घंटे बाद सदन की कार्रवाई शुरू हुई। स्थगन प्रस्तावों के दौरान सदन में हंगामा चलता रहा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दूसरी बार एक बजकर दो मिनट पर आधे घंटे के लिए फिर स्थगित कर दी।

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