जयपुर : बीकानेर जिले के नया शहर, कोतवाली और साइबर सेल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रोहित गोदारा गैंग के तीन मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हार्डकोर बदमाश राज्य के चार अलग-अलग जिलों में दर्ज प्रकरणों में वांछित चल रहे थे और इन पर दर्जनों प्रकरण दर्ज है। लॉरेंस गैंग के सक्रिय सदस्य रोहित गोदारा की कहने पर गिरफ्तार हार्डकोर बदमाश कमल डेलू और श्रवण सिवर ने राजू ठेहट की हत्या में एके-47 जैसा हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस महानिदेशक राजस्थान उमेश मिश्रा ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आईजी रेंज ओमप्रकाश, एसपी तेजस्वनी गौतम समेत कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दी है।
बीकानेर पुलिस की ओर से भी साइबर सेल के हेड कांस्टेबल दीपक यादव व दिलीप सिंह और कांस्टेबल राजू राम गुर्जर को विशेष पदोन्नति तथा एसएसओ वेदपाल व संजय सिंह और कांस्टेबल श्रीराम को डीजीपी डिस्क के प्रस्ताव भिजवाए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि हार्डकोर बदमाश कमल डेलू निवासी नोखा जिला बीकानेर, श्रवण सिवर निवासी कोलायत जिला बीकानेर और विजयपाल विश्नोई निवासी पांचू जिला बीकानेर को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कमल डेलू और श्रवण सिवर पर पुलिस मुख्यालय से 1-1 लाख रुपये तथा विजयपाल पर आईजी बीकानेर रेंज द्वारा 40 हजार का इनाम घोषित किया हुआ है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित बड़ी हाई टेक्निक इंटरनेट पर कॉलिंग एप्स से रोहित गोदारा गैंग से जुड़े थे। इंटरनेट एप्लीकेशन द्वारा किसी भी वारदात की कार्य योजना बनाते और फिर उसे अंजाम भी देते।
तकनीकी सहायता से नासिक में होने की मिली सूचना साइबर सेल ने 8 महीने कड़ी मेहनत कर तीनों बदमाशों के बारे में जानकारियां जुटाई गई और पूर्व में की गई संपूर्ण गतिविधियों की सूचना एकत्रित की। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए इनके महाराष्ट्र के नासिक में होना ट्रेस किया गया। सूचना पर गठित टीम नासिक पहुंची। इनकी लोकेशन आवासीय कॉलोनी की आ रही थी, जहां 500 से अधिक फ्लैट और घर थे। टीम ने लगातार 4 दिन तक अलग-अलग हुलिया बनाकर एक-एक घर को चेक कर एक संदिग्ध घर को चिन्हित किया।
पुलिस टीम ने घर के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग में मजदूरों का हुलिया बना कर दो तीन दिन तक घर और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। जानकारी पुख्ता होने पर नासिक पुलिस की मदद से दबिश देकर तीनों बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।
तीनों बदमाशों से पूछताछ में सामने आया कि घटना के बाद इन्होंने अपना हुलिया व नाम बदल लिया था और बाल भी कटवा लिये। भारत में कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, गोवा, पंजाब, पुणे, मुंबई, नासिक, फलोदी, जोधपुर, बज्जू, रणजीतपुरा तथा नेपाल में फरारी काटी थी। काफी दिनों से नासिक में किराए के फ्लैटों में रह रहे थे। पुलिस से बचने दिन भर घर में ही छिपे रहते थे।


