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Dhamtari : 120 पेड़ों के 15 से अधिक प्रजाति के आम आएंगे बाजार में

धमतरी : शासकीय बेंद्रागांव नर्सरी के पेड़ों से आम प्राकृतिक रूप से पककर नीचे गिरने लगे हैं। इसके साथ ही यहां उत्पादित होने वाला आम बाजार में आने लगा है। इस साल यहां के 120 पेड़ों के 15 से अधिक प्रजाति के आम लोगों को खाने को मिलेंगे।

उद्यानिकी विभाग की बेंद्रानवागांव नर्सरी में 400 से अधिक अलग-अलग 15 से 16 प्रजाति के आम के पेड़ हैं। इस बार 135 पेड़ों में आम के फल लगे हैं। 15 पेड़ों को छोड़कर 120 पेड़ों के फल की नीलामी उद्यानिकी विभाग द्वारा बोली लगाकर करवाई गई। बोली में 49 लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वाधिक 2 लाख49हजार रुपये की बोली लगाकर धर्मेंद्र सोनकर ने 120 पेड़ों के आम का ठेका प्राप्त किया।

प्रभारी उद्यान अधीक्षक पूजा केसरी ने बताया कि इस नर्सरी के आम की बाजार में अधिक मांग रहती है। आम के पेड़ों में कोई भी रासायनिक खाद या दवाई नहीं डाली जाती। जैविक खाद से ही आम पेड़ों को पोषण दिया जाता है। प्राकृतिक रूप से पेड़ों में आम पकते हैं, इसलिए लोगों को हर साल यहां के आम का इंतजार रहता है। आरएचओ चुनेश्वरी साहू ने बताया कि यहां लंगड़ा, चौसा, बैगनपल्ली, अलफांजो, बाम्गे ग्रीन, केसर सहित 15 से अधिक प्रजाति के आम के पेड़ हैं।

प्राकृतिक रूप से पके बेन्द्रानवागांव नर्सरी के आम नर्सरी में पहुंचकर लोग खरीद सकते हैं। इसके अलावा रत्नाबांधा रोड में जिला अस्पताल मोड़ के पास सुनीता ज्वेलर्स के सामने धर्मेंद्र सोनकर की फल दुकान में भी उपलब्ध है। यह आम हाथों हाथ बिक रहा है।

नर्सरी के आम का लोगों को इंतजार रहता है

बेन्द्रानवागांव नर्सरी के आम जिले में प्रसिद्ध है। इस बार 135 पेड़ों में आम के फल लगे हैं, जिसमें से 120 पेड़ों का आम लोगों को खाने को मिलेगा। विधिवत प्रक्रिया कर 120 पेड़ों की नीलामी की गई है। इस नर्सरी के आम का लोगों को हर साल इंतजार रहता है।

  • डीएस कुशवाहा, सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग

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