विदेशी महिला की फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए करता था ऑनलाइन धोखाधड़ी
तीन मोबाइल, 10 सिम, 11 पासबुक, 14 चेक बुक, 33 एटीएम व तीन आधार कार्ड बरामद
देहरादून : उत्तराखंड एसटीएफ व साइबर क्राइम पुलिस को शनिवार को बड़ी सफलता मिली। एसटीएफ ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले मिजोरम के एक युवक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। युवक ने विदेशी महिला की फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए प्रलोभन देकर देश भर के लोगों को लूटा है और अब तक करोड़ों रुपये का खेल कर चुका है। आखिरकार आरोपित देहरादून एसटीएफ के हाथ लग ही गया। भारत के कई राज्य की पुलिस को आरोपित की तलाश थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड आयुष अग्रवाल ने बताया कि युवक ने जिन लोगों को लूटा है उनमें उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल निवासी सेवानिवृत अधिकारी भी हैं। पीड़ित ने बताया कि युवक ने फेसबुक पर कथित सारा हंटर नामक विदेशी महिला की फर्जी आईडी से फेसबुक पर दोस्ती की और खुद को उत्तराखंड से बताकर प्रलोभन देते हुए अपने ट्रेडिशन के अनुसार अपने जन्मदिन पर दोस्त को उपहार भेजने की बात कहकर एक पार्सल भेजा। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को कस्टम ऑफिसर बताकर पार्सल रिसीव करने के लिए पैसे भेजने की बात कही और लॉजिस्टिक डायरेक्टर जॉन से व्हाट्सएप नंबर पर बात करने को कहा।
अज्ञात साइबर ठगों ने विभिन्न टैक्स, क्लियरेंस, सीओटी आदि के नाम पर कुल 42,35,453 रुपये की धोखाधड़ी की। ठगी के शिकार पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर अज्ञात साइबर ठग के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण से प्रकाश में आए नॉर्थ ईस्ट मिजोरम निवासी लालमुआकिमा पुत्र लालथानजुवाला निवासी मकान नंबर सी-14/बी कावनवेंग डर्टलैंग थाना बावंगकोन आइजोल मिजोरम को शनिवार को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। तीन मोबाइल मय सिम कार्ड, 10 सिम कार्ड, 11 बैंक पासबुक, 14 चेक बुक, 33 एटीएम कार्ड व तीन आधार कार्ड भी बरामद किया।
अपराध का तरीका, ऐसे देता था अंजाम-
आरोपित युवक फेसबुक पर विदेशी महिला की फर्जी आईडी बनाकर आम जनमानस को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे दोस्ती करते हैं और उन्हें विदेश से गिफ्ट-पार्सल भेजने का प्रलोभन देते हैं। इसके बाद उनके लिए भेजे गए गिफ्ट को छुडाने के लिए एयरपोर्ट से फर्जी कस्टम ऑफिसर बनकर फोन कर विभिन्न टैक्स, क्लियरेंस, सीओटी आदि के नाम पर लाखों रुपयों की धोखाधडी को अंजाम देते हैं। धनराशि विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त करते हैं। इसके लिए फर्जी बैंक खातों, सिम व आईडी कार्ड का प्रयोग करते हैं।
74 मुकदमें एवं 1523 आपराधिक लिंक-
भारत सरकार I4सी गृह मंत्रालय के सहयोग से अभियुक्त से बरामद विभिन्न बैंक खातों, मोबाइल नंबरों का गहनता से विवेचना में विश्लेषण किया गया तो देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अभियुक्त पर 74 मुकदमें एवं 1523 साइबर आपराधिक लिंक मिले।
महज उत्तराखंड में 21 मामले –
उत्तर प्रदेश में 11, तेलंगाना 34, दिल्ली एक, बिहार तीन, तमिलनाडु आठ, गुजरात तीन, हरियाणा दो, कर्नाटक सात, पश्चिम बंगाल एक, छत्तीसगढ़ तीन, आंध्र प्रदेश आदि मिलाकर कुल 74 अभियोग में अभियुक्त वांछित है। उत्तराखंड राज्य में ही 21 मामलों में अभियुक्त की संलिप्तता पाई गई है।


